रिजर्व बैंक जारी करेगा प्लास्टिक नोट्स, कम खर्च और दीर्घ कालिक इस्तेमाल कर सकेंगे नोट्स/ दुनिया के ६० देश करते हैं प्लास्टिक नोट्स का इस्तेमाल
RBI जल्द ही जारी करेगा पॉलिमर यानि प्लास्टिक के नोट?
नोट छापने के खर्च में होगी कमी और लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे प्लास्टिक नोट्स।
दुनिया में लगभग ६० देश प्लास्टिक (पॉलिमर) नोट्स छापते हैं। ऑस्ट्रेलिया ने शुरुआत की थी और बाद में सिंगापुर, मलेशिया, थाइलैंड,रोमानिया कनाडा ने भी किया।
अमेरिका के नोट कॉटन , लिनेन मिश्रित मैटिरियल पर छपते हैं।
वित्तीय वर्ष २०२५ में कागज के नोट्स छपने खर्च लगभग ६३७२ करोड़ हुआ था जबकि बीते वर्ष ५१०१ करोड़ यह खर्च रहा क्योंकि RBI ने बैंक नोट प्रिंट करने के लिए मुख्यतः इंडेंट का इस्तेमाल किया।
नोट अब भी इस्तेमाल में पिछले वर्ष की तुलना में ११.५% अधिक हुए हैं। और आगे की मांग पूरी करने के लिए पॉलिमर नोट्स छपने से RBI को काफी बचत होगी।
एटीम मशीनें भी प्लास्टिक नोट देंगी।
१० और २० रुपये के नोट सर्कुलेशन में बहुत कम हैं।पिछले वर्ष १० रुपए के महज ०.७% नोट्स ही थे जबकि २० वाले कुल छापे बैंक नाइट्स का महज .८% ही रहे।
वहीं सिक्को की आपूर्ति वित्तीय वर्ष २५ में १.२ बिलियन रही जबकि वित्तीय वर्ष २६ में बढ़कर १.५ बिलियन हो गई।
प्लास्टिक नोट छापने के संबंध में रिजर्व बैंक अधिकारियों की दो मीटिंग क्रमशः पटना और मुंबई में हुई है।
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