महाराष्ट्र में दिग्गज राजनेता अजीत पवार का दुर्भाग्यपूर्ण निधन / बारामती में लैंड करते समय चार्टर प्लेन हुआ क्षतिग्रस्त/ उपमुख्यमत्री पवार सहित अन्य पांचों की मौत
महाराष्ट्र के दिग्गज राजनेता अजीत पवार का निधन आज सुबह प्लान क्रैश में हुआ है।इस घटना पर अभी तक राजनेता और जनता विश्वास नहीं कर पा रहे है।
अचानक हुए इस भीषण हादसे ने राजनीतिक गलियारों में सन्नाटा ला दिया है।
अजीत पवार , जिला परिषद चुनाव के मद्देनजर बारामती में चार सभाएं आज लेने जा रहे थे।लैंड होते समय विमान VVT SSK की दिशा दूसरी तरफ हुई और क्रैश हो गया, देखते ही देखते आग और धुओं की लपटों ने सब कुछ नष्ट कर दिया।
आनन फानन में अस्पताल लाया गया पर सभी का अंत हो चुका था।
अजीत पवार पहली बार बारामती संसदीय क्षेत्र से 1991 में सांसद चुने गए, बाद में चाचा शरद पवार के लिए यह सीट छोड़ दी।
बारामती विधानसभा से वह सात बार लगातार विधायक चुने गए।
छह बार महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में अजीत दादा को गौरव प्राप्त है। वह पृथ्वीराज चव्हाण, एकनाथ शिंदे, देवेंद्र फडणवीस सरकार मे डिप्टी सीएम थे। मौजूदा महायुति सरकार में वह उपमुख्यमत्री ही थे।
पीएम मोदी और अमित शाह, केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्य के सीएम फडणवीस से स्थिति का जायजा लिया। गहरा शोक जतानेवालो का तांता लग गया है।
अजीत दादा की पत्नी सुनेत्रा एवं बहन संसद सदस्य सुप्रिया सुले बारामती के लिए निकल चुके हैं।
पीएम ने अजीत दादा को जनता का नेता कहा और सोशल पोस्ट पर लिखा कि वह जमीनी स्तर के नेता थे। एकनाथ शिंदे ने उन्हें बड़ा भाई बताया है।
वित्त मंत्री के तौर पर राज्य में जीएसटी रिफॉर्म, इंफ्रा क्षेत्र, पूंजी खर्च पर विशेष ध्यान दिया। मुख्य प्रशासक के रूप में जीएसटी रिफॉर्म के लिए बनी समिति को लीड किया। IT टूल्स का बेहतर उपयोग अस्तित्व में लाया ताकि टैक्स अधिकारी सुगमता से उनका उपयोग कर सके। सुबह जल्दी काम शुरू किया जाए, ऐसी पहल का श्रेय उन्हें जाता है।
राज्य में शुरू विकास परियोजनाओं के लिए फंड आबंटन का काम तेजी से हो, इसके लिए भी सफल प्रयास किया।
जल सिंचाई मामले में उन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा लेकिन अजीत दादा अंत तक इससे इनकार करते रहे।
महाराष्ट्र ने एक जमीनी स्तर का दिग्गज राजनेता खो दिया है।
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