गैर मुद्दों को उठा रहीं विरोधी पार्टियां, जनता से संबंध टूटा है। मराठी माणुस की वजह से हमे विधानसभा में ५१ प्रतिशत वोट मिला, विरोधी पार्टियां न समझे खुद मराठी अस्मिता के नायक/ मराठी भाषा का सम्मान जरूरी लेकिन भाषा के नाम पर हुड़दंग, गुंडई बर्दाश्त नहीं, कानून अपना काम करेगा: सीएम फडणवीस
मीरा रोड में गुजराती व्यापारी को आठ थप्पड़ जड़ने का वीडियो वायरल होने के बाद मीरा भयंदर में हजारों व्यापारियों द्वारा बुलाए गए बंद के बाद मनसे को मिली जुली प्रतिक्रिया मिल रही है।
राज्य के शिवसेना कोटे से मंत्री योगेश कदम ने कहा कि मराठी भाषा आणि चाहिए, यहां रहते हैं तो मराठी बोलना चाहिए लेकिन नहीं आता , नहीं बोलेंगे, यह एटीट्यूड नहीं चलेगा।
कल विधान भवन में मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि विरोधी पार्टियों के पास कोई मुद्दा नहीं , गैर मुद्दों से राजनीती कर रहे हैं, जनता से उनका संबंध टूट चुका है।
खुद को मराठी संस्कृति के ध्वज वाहक न समझें। हमें विधानसभा में ५१ प्रतिशत मराठी माणुस के कारण मिला है। मराठी व्यक्ति आप सबकी राजनीति समझता है।
मराठी माणुस हमारे साथ ही है और हमारे साथ रहेगा।
यदि मराठी व्यक्ति के साथ भी दूसरे राज्य में इसी तरह का व्यवहार हो जो वहां की लोकल भाषा नहीं बोल पाते तो कितना गलत महसूस होगा।
सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा बोली जानी चाहिए , इसमें कुछ गलत नहीं कि हम दूसरे लोगों से मराठी बोलने की उम्मीद करते हैं लेकिन उन्हें मराठी बोलने के लिए दबाव बनाना और उन्हें प्रताड़ित करना यह स्वीकारने योग्य नहीं है।
उल्लेख कर दें कि पहली से तीसरी कक्षा तक हिंदी को तीसरी अनिवार्य भाषा के रूप में लागू करने के फैसले को राज्य सरकार ने मनसे और शिवसेना UBT के दबाव में वापस ले लिया है।
इसे मराठी प्राइड बताते हुए दोनों पार्टियां आगामी मनपा चुनाव से पहले मराठी भाषा को सामान्य जन तक ले जाने का प्रयास कर रही हैं और इसके लिए कुछ घटनाओं में मार पीट की खबरे भी आई हैं।
पुणे में एक व्यक्ति ने मनसे के इस कदम का विरोध सोशल मीडिया पर किया तो मनसे कार्य कर्ता उनके घर पहुंचकर उन्हें प्रताड़ित भी किया।
आज वर्ली में मनसे और शिवसेना UBT की संयुक्त रैली
आवाज मराठी चा नाम से संबोधित होनेवाली इस रैली में आज दोनों ठाकरे बंधु एक साथ एक स्टेज पर दिखेंगे।ऐसा लगभग २० साल बाद पहली बार होने जा रहा है। २००६ में शिवसेना से अलग होकर मनसे का जन्म हुआ था। इसे राजनीतिक विश्लेषक इस नजरिए से देख रहे हैं कि आगामी मनपा चुनाव से पहले दोनों ठाकरे बंधु का मराठी मुद्दे पर एकत्र होना , चुनाव में फायदेमंद हो सकता है।
यह रैली आज वर्ली के NSCI, डोम में हो रही है।
वैसे सभागृह की क्षमता ८००० की है पर संख्या उससे कहीं ज्यादा जुटने की उम्मीद है।
जो सभागृह तक अंदर नहीं आ पाएंगे उनके लिए बाहर LED स्क्रीन की व्यवस्था की गई है।
मराठी निर्देशक प्रोड्यूसर अजीत भूरे सूत्र संचालन करेंगे।
६००० कुर्सियों की व्यवस्था है, चारों ओर से टेंट बनाए गए हैं। स्टेज पर महाराष्ट्र का मानचित्र है और आगे आवाज मराठीचा लिखा गया है।
पूरे आयोजन की रूपरेखा को मूल रूप देने का काम बाला नांदगांवकर (मनसे) और अनिल परब( शिवसेना UBT) द्वारा किया गया है।
मुंबई के अलग अलग क्षेत्रों से लोकल लीडर्स को अपने अपने परिसर में LED स्क्रीन लगाने का निर्देश दिया गया है।
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