सोनिया, राहुल पर 2000 करोड़ तक की संपत्ति हड़पने के षडयंत्र का आरोप, ईडी बोली ,सबूत मिले तो पूरी कांग्रेस को बनायेंगे आरोपी। दिल्ली विशेष न्यायालय में प्रतिदिन शुरू हुई सुनवाई।
दिल्ली की विशेष अदालत ने निर्देश दिया है कि नेशनल हेराल्ड घोटाले वाला मामला रोज देखा जाए।
ईडी की ओर दायर मामले में कहा गया है कि कांग्रेस पार्टी ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी के लिए एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की 2000 करोड़ की संपत्ति को हड़पने का पूरा षड्यंत्र रचा है।
ईडी के सलाहकार कानून ने कहा कि यदि सबूत मिले तो पूरी आल इंडिया कांग्रेस कमिटी यानि कांग्रेस पार्टी को भी आरोपी बनाया जा सकता है और इसके लिए उनके पास संवैधानिक अधिकार भी हैं।
बता दें कि देश में आम आदमी पार्टी पहली राजनीतिक पार्टी है जिसे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट की धारा 70(१) के तहत आर्थिक फ्रॉड के मामले में अप्रैल २०२४ में आरोपी बनाया गया था।
एसोसिएटेड जर्नल्स लिलिटेडr कई वरिष्ठ कांग्रेसी नेता फर्जी किराया दे रहे थे और बुक्स में एंट्री घुमाई गई।
कई लोगों ने फर्जी तरीके से एडवांस रेट देने का काम कई साल से करते रहे।
एजेंसी ने यह भी कहा कि यांग इंडियंस को सोनिया और राहुल ही कंट्रोल करते हैं, जिनकी हिस्सेदारी ७६ प्रतिशत है और बाकी २४ प्रतिशत भी उनके ही वफादार रहे दिग्गज कांग्रेसी दिवंगत मोतीलाल वोहरा और ऑस्कर फर्नांडिस के पास ही थे।
प्रवर्तन निदेशालय ने प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट ( चार्ज शीट की तरह) सात लोगों के खिलाफ शिकायत की है।
सोनिया गांधी, राहुल गांधी, सुमन दूबे, सम पित्रोदा, यंग इंडिया, Dotex मर्चेंडाइज, सुनील भंडारी के नाम शामिल हैं।
कोर्ट दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आरोप तय करेगी।
सातों पर आरोप है कि आर्थिक अनियमितता के चलते लगभग ५००० करोड़ का फ्रॉड किया गया है।
यांग इंडिया एक फर्जी कंपनी के रूप में इस्तेमाल की गई है। जनता के पैसे का उपयोग निजी उपयोग में लाया जा सके इसलिए फर्जी एंट्री दिखाई गई।
सिर्फ ५० लाख रुपए देकर २००० करोड़ तक की एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की संपत्ति का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए किया जा सके इसलिए सातों आरोपियों ने यांग इंडियंस का इस्तेमाल स्पेशल पर्पस व्हीकल के रूप में किया है।
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