राष्ट्रीय महिला आयोग ने पश्चिम बंगाल सचिव को दिया निर्देश, लॉ कॉलेज स्टूडेंट गैंग रेप मामले में तुरंत कार्रवाई हो, मेडिकल रिपोर्ट तीन दिन में सबमिट करे प्रशाशन
राष्ट्रीय महिला आयोग ने प. बंगाल सचिव को लिखा पत्र और दिया लॉ कॉलेज गैंगरेप मामले में तुरंत कार्रवाई का निर्देश/
आयोग की सदस्या अर्चना मजूमदार रेप पीड़िता और परिवार से मिलेंगी, बंगाल पुलिस करे सहयोग, उसके निर्देश आयोग अध्यक्षा विजया राहटकर ने दिए हैं।
पश्चिम बंगाल में पहले राधा गोविंद मेडिकल संस्थान में डॉक्टर ट्रेनी के साथ गैंग रेप और हत्या के बाद पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
२५ जून शाम को साउथ कोलकता लॉ कॉलेज में फर्स्ट ईयर स्टूडेंट के साथ तीन लोगों ने रैगिंग की, गार्ड के रूम में ले गए, लड़की हाथ पैर जोड़ती रही, गिड़गिड़ाती रही लेकिन दरिंदो ने कुछ नहीं सुना। तीन घंटे तक बलात्कार किया, मारा पीटा। पीड़िता ने प्राथमिकी में अपनी आपबीती बताई है।
भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया और १ जुलाई तक न्यायालय ने हिरासत में भेजा है।
इस मामले में जहां पुलिस जांच जारी है, राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्या किरण मजूमदार पीड़िता एवं उस परिवार से मिलनेवाली हैं।पोलिस प्रशाशन को सहयोग करने का निर्देश आयोग की अध्यक्षा विजया राहटकर ने दिया हैं। मेडिकल विभाग को पीड़िता की इंटर्नल और एक्सटर्नल दोनों जांच रिपोर्ट तीन दिन में आयोग को देने का निर्देश दिया गया है और गोपनीय रखने का भी आदेश है।
पीड़िता के साथ गैंग रेप वालों में एक टीएमसी का कार्यकर्ता है, दूसरा तो कॉलेज का ही विद्यार्थी रहा हैं । टी एम सी कार्यकर्ता मनोजित मिश्रा ने पहले इस पीड़िता को संगठन का सचिव बनाने का प्रलोभन दिया ,नहीं स्वीकारने पर शादी का लालच दिया जिसे पीड़िता ने अस्वीकार कर दिया। इसी का बदला मनोजीत मिश्रा ने गैंगरेप कर लिया।
साल भर पहले वरिष्ठ सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बंगाल सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि कई मेडिकल कॉलेज, शिक्षण संस्थानों और पब्लिक स्पॉट्स में १३०० से ज्यादा सीसीटीवी इंस्टॉल किए गए हैं और ऑपरेशनल हैं।
सरकार को यह समझना आवश्यक है कि सीसीटीवी सिर्फ अपराधी की पहचान अकड़ने में सहयोगी हैं,वह अपराध रोक नहीं सकते।
अपराध रोकने के लिए प्रशासन को एक्टिव रहना होगा। कानून का डर अपराधिक तत्वों में पैदा करना जरूरी है।
मनजीत मिश्र टीएमसी नेता रहा है, प्रतिम और जैब मोहम्मद उसके दोनों सहयोगी हैं। इन तीनों ने इस क्रूर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया है और तीनों ही १ जुलाई तक हिरासत में भेजे गए हैं।
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