0 झांसी मेडिकल हॉस्पिटल में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट से १० नवजात की मौत, १६ जिंदगी की जंग लड़ रहे/ अस्पताल स्टाफ यूपी स्वास्थ्य मंत्री पाठक के स्वागत में जुटा, सोशल मीडिया में हंगामा, डी एम को दिया जांच के आदेश - Khabre Mumbai

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झांसी मेडिकल हॉस्पिटल में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट से १० नवजात की मौत, १६ जिंदगी की जंग लड़ रहे/ अस्पताल स्टाफ यूपी स्वास्थ्य मंत्री पाठक के स्वागत में जुटा, सोशल मीडिया में हंगामा, डी एम को दिया जांच के आदेश

यूपी के झांसी मेडिकल हॉस्पिटल में आग से झुलसकर 10 बच्चों की हुई मौत। 16 बच्चे जिंदगी के लिए लड़ रहे हैं।
बृजेश पाठक की अगवानी में जुटा अस्पताल का स्टाफ। सोशल मीडिया पर जमकर हंगामा..
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार को दिए गए जांच करने के आदेश।

अस्पताल में मौजूद सभी 146 अग्निशामक यंत्र उपकरण बिल्कुल ठीक फरवरी में हुआ था ऑडिट;  जून में किया गया था मॉक ड्रिल: बृजेश पाठक

बीते शुक्रवार की रात 10:45 पर महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल हॉस्पिटल झांसी में नियो नटाल इंटेंसिव केयर यूनिट में इलेक्ट्रिक शॉर्ट सर्किट की वजह से 10 बच्चों की चलकर मौत हो गई जबकि 16 अन्य नवजात बच्चे जिंदगी की लड़ाई लड़ रहे हैं। आज सुबह  स्वास्थ्य मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक का इस अस्पताल में निरीक्षण हुआ। उनके आने से ठीक पहले अस्पताल परिसर के कंपाउंड में जहां गड्ढे थे, वहां भरा गया । साफ सफाई की गई। चूना स्प्रिंकल किया गया ताकि उनकी अगवानी ठीक से की जा सके।  यह वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ।

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश सचिव शाहनवाज ने कहा की 10 बच्चे जो दुनिया में जन्म लेते ही जलकर मर गए, उनकी सिर्फ गलती इतनी ही थी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में उत्तर प्रदेश में उन्होंने जन्म लिया।  सरकार इतनी संवेदना हीन कैसे हो सकती है?  जहां अस्पताल में 10 बच्चे जलकर अपना दम तोड़ देते हैं । वहीं उपमुख्यमंत्री की अगवानी में चूने की स्प्रिंकल की जाती है कंपाउंड की साफ सफाई की जाती है।  प्लिंथ पॉलिश भरे जाते हैं। सड़कें साफ होने लगती हैं।


बृजेश पाठक ने इस वीडियो को देखने के बाद तुरंत डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार को निर्देश दिया कि इसकी शक्ति से सख्त जांच की जाएगी किसी अधिकारी ने इस तरह का कार्य करने का निर्देश दिया था।

पाठक ने यह भी कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फायर एक्सटिंग्विशर एक्सपायर हो चुके थे ,यह खबरें गलत है।  फरवरी 2024 में झांसी के इस मेडिकल हॉस्पिटल में अग्निशमन उपकरण यानी फायर एक्सटिंग्विशर का ऑडिट किया गया था और जून महीने में मॉक ड्रिल भी किया गया था। यह सभी उपकरण बिल्कुल ठीक से काम कर रहे हैं।


अस्पताल के डिप्टी डीन नरेंद्र सिंह सेंगर ने कहा की नियो नातल इंटेंसिव केयर यूनिट में भी फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद था और आग लगने पर इसकी उपयोगिता भी ली गई। आग बुझाने के लिए हमारे पूरे स्टाफ तत्पर थे और कुछ बच्चों को बचाया जा चुका है जिनका इलाज जारी है । घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन 10 बच्चों के जलकर मरने की खबर पर गहरा दुख जताया है, और उनके परिवार वालों को दो लाख रुपए के मुआवजे की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। 

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