कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा पर विशेष
15 नवंबर शुक्रवार कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा
सनातन धर्म में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व माना जाता है।
आज तुलसी विवाह समाप्त हो रहा है, और भीष्म पंचक भी समाप्त हो रहे हैं,आज देव दीपावली भी मनाई जाती है आज गुरु नानक जयंती भी है।
इस दिन भगवान विष्णु के साथ ही भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। पौराणिक कथाओं में बताया गया है कि इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत करके उसके आतंक से देवताओं को मुक्ति दिलाई थी, इसलिए इस दिन का महत्व शास्त्रों में बहुत खास माना जाता है। इस दिन पूजापाठ के साथ दानपुण्य करने और गंगास्नान करने से आपके सभी कष्ट दूर होते हैं और कई जन्मों के पापों का अंत होता है। कार्तिक पूर्णिमा पर अबकी बार दो बहुत ही शुभ संयोग बने हैं। इस शुभ योग में पूजा करने से आपको हर कार्य में सफलता प्राप्त होगी और साथ ही विशेष पुण्य की प्राप्ति होगी।
कार्तिक पूर्णिमा पर बने हैं ये शुभ योग
कार्तिक पूर्णिमा पर चंद्रमा और मंगल एक-दूसरे की राशि में रहेंगे और राशि परिवर्तन योग बनाएंगे। इस दिन गजकेसरी योग और बुधादित्य राजयोग भी बन रहा है। साथ ही इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर शश राजयोग का शुभ संयोग भी बना हुआ है। इसी दिन शनि अपनी राशि कुंभ में मार्गी होने जा रहे हैं। इन सभी शुभ योग में किया जाने वाला दान सौ गुना फल देगा और आपके सभी आर्थिक कष्ट दूर होंगे।
(संकलन: आचार्य अजय मिश्र जी, मुख्य पुजारी विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकडी सिद्धपीठ, सायन, मुंबई)
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