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हरतालिका तीज पर्व आज/ जानिए व्रत से जुड़ी विशेष जानकारी

हरतालिका तीज पर बन रहा रवि और नवपंचम योग, जानिए तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
हरतालिका तीज पर दिन पर गौरी-शंकर की पूजा करने का विशेष महत्व होता है।
हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का विशेष महत्व है। यह भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन रखा जाता है। इस बार हरतालिका तीज का व्रत 6 सितंबर शुक्रवार के दिन रखा जाएगा। हरियाली तीज की तरह ही हरितालिका व्रत भी निर्जला रखा जाता है।मान्यता है मां पार्वती ने भोलेनाथ को वर रूप में प्राप्त करने के लिए वन में तपस्या की थी। जिससे प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें दर्शन दिये थे। वहीं आपको बता दें कि इस बार हरतालिका तीज पर कई शुभ योग बन रहे हैं। जिससे इस दिन का महत्व और भी बढ़ गया है। 

आइए जानते हैं शुभ मुहूर्त, योग और महत्व 

हरतालिका तीज तिथि 

वैदिक पंचांग के अनुसार 5 सितंबर गुरुवार के दिन को तृतीया तिथि सुबह 12 बजकर 21 मिनट पर शुरू हो रही है और इस तिथि का अंत 6 सितंबर को दोपहर में 3 बजकर 2 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि को आधार मानते हुए हरतालिका तीज 6 सितंबर को मनाई जाएगी। 

हरतालिका तीज शुभ मुहूर्त 
पंचांग अनुसार हरतालिका तीज पर पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 6 बजकर 1 मिनट से आरंभ होकर 8 बजकर 31 मिनट तक रहेगा। वहीं इसके बाद शाम की पूजा के लिए में 5 बजकर 25 मिनट से 6 बजकर 37 मिनट तक का मुहूर्त सबसे उत्तम रहने वाला है। इन दोनों मुहूर्त में आप भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा- अर्चना कर सकते हैं। 

हरतालिका तीज पर बन रहे ये शुभ योग
हरतालिका तीज पर रवि योग, बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। साथ ही चंद्रमा और शुक्र की कन्या राशि में युति होगी जो की बहुत ही शुभ मानी जाती है। इन सबके साथ ही गुरु चंद्रमा का नवपंचम योग रहेगा। सुबह हस्त नक्षत्र और शाम में चित्रा नक्षत्र रहेगा। ज्योतिष में इन सब योगों को बहुत शुभ माना जाता है। साथ ही इन योगों में पूजा करने का दोगुना फल प्राप्त होता है। 

हरतालिका तीज का महत्व
शास्त्रों के अनुसार हरतालिका तीज पर व्रत रखने से भगवान शिव और मां पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है। साथ ही सुख- समृद्धि की प्राप्ति होती है। वहीं आपको बता देंं कि हरतालिका तीज पर महिलाएं मंडप सजाकर बालू से भगवान शिव और पार्वती जी की प्रतिमा बनाकर उनका गठबंधन करती हैं। हरतालिका तीज व्रत अविवाहित कन्याओं द्वारा अच्छे पति की प्राप्ति के लिए और विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य में वृद्धि के लिए व्रत रखती हैं।

(संकलन: आचार्य अजय मिश्र जी, मुख्य पुजारी विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकडी सिद्ध पीठ, सायन, मुंबई)

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