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पूर्व पुलिस राज्य महानिदेशक संजय पांडे पर एफआईआर, फिल्म निर्माता संजय पुनमिया ने की एफआईआर/ जमानत की अर्जी ठाणे सेशन कोर्ट में लगी/ ३ सितंबर को सुनवाई

महाराष्ट्र पूर्व डीजीपी ने पूर्व जमानत की अर्जी ठाणे न्यायालय में लगाई/ मामला संजय पुनमिया से जुड़ा।

संजय पुनमिया, व्यापारी ने एफआईआर ठाणे में दर्ज कराई है कि तत्कालीन डीजीपी संजय पांडे समेत अन्य अधिकारियों ने उनपर दबाव बनाया कि तत्कालीन मुंबई पुलिस आयुक्त के खिलाफ झूठी गवाही देने, स्टेटमेंट लिखकर दें।
पांडे का कहना है कि पुनमिया ने स्वीकार किया है कि वह मुंबई के मरीन ड्राइव में रहते हैं जैसा कि एफआईआर में उल्लेख है लेकिन फिर भी न रहनेवाला पता दिया है। यह पता २१/५, मरीन ड्राइव सीफेस, मुंबई २० ,थाने नगर, थाने सिटी है।

पुनमिया द्वारा लगाए आरोप २०२१ के हैं जबकि प्राथमिकी अब दर्ज कराई गई है।इतने ३ साल के देरी से प्राथमिकी दर्ज करने के पीछे पुनमिया का क्या मकसद है।यह संभव ही नहीं कि पुनमिया को तब नही समझ आया हो।

सुप्रीम कोर्ट और देश की कई न्यायालयों ने पहले ही यह निर्देश दिया है कि यदि एफआईआर में काफी लंबी देरी की गई हो तो उसकी जांच होनी जरूरी है कि प्रार्थी का उसके पीछे मकसद क्या है? एंटी सिपेटरी बेल याचिका अधिवक्ता राहुल कमेरकर द्वारा लगाई गई है।

पूर्व डीजीपी पांडे ने नोट किया है कि पुनमिया पर १० से ज्यादा एफआईआर दर्ज हैं। मुंबई पुलिस आयुक्त एवम पुलिस विभाग सीधे गृह विभाग सचिव को रिपोर्ट करते हैं।डीजीपी के नियंत्रण में नहीं होते। मैं कभी पुनमिया से मिला ही नहीं , न तो कभी कोई पैसे दिए गए और न ही लिए गए। हम पर लगाए गेट आरोप पूरी तरह झूठ हैं।
संजय पुनमिया ने गत सोमवार को ठाणे पोलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई जिसमे कहा गया कि मई २०२१ से जून २०२४ तक उन्हे परेशान किया गया और जबरन वसूली का आरोप लगाया है।

इस मामले में संजय पांडे ,पूर्व पुलिस महानिदेशक समेत ६ अन्य पर एफआईआर दर्ज की गई है। अन्य में सेवानिवृत्त एसीपी सरदार पाटिल, मनोहर पाटिल पी आई, वकील शंकर जगताप, भवन निर्माता श्याम सुंदर अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, शरद अग्रवाल का नाम शामिल है।
पुनमिया का आरोप है कि इन्होंने थाने नगर पुलिस में २०१६ में दर्ज एक केस की फाइल फिर से खोल दी और उसमे जबरन फंसाने के नाम पर डराया और जबरन वसूली की गई। इस वसूली प्रकरण में अन्य व्यापारी भी हैं।
धाराओं १६६, १७०, १२० बी, १९३ के तहत ठाणे में मामला दर्ज किया गया है।पोलिस आरोपों की जांच कर रही है। जालसाजी, जबरन वसूली ,अपराधिक धमकी, फर्जी दस्तावेज के आरोप लगे हैं।
२०२२ में फोन टैपिंग मामले में भी संजय पांडे को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था।

उन्होंने हाल ही में वर्सोवा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय विधायकी चुनाव लड़ने की भी इच्छा प्रकट की और घोषणा भी की थी।
संजय पुनमिया फिल्म निर्माता हैं।



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