हाथरस कांड, १२२ लोग मरे, सत्संग समाप्ति के बाद बाबा के दर्शन हेतु उमड़ी भीड़, हुई अनियंत्रित/सीएम योगी, डीजीपी, दो अन्य मंत्री घटना स्थल पर मौजूद।
हाथरस, उत्तर प्रदेश में भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ के चलते १२२ की मौत।
प्रशाशन हरकत में!
पीएम मोदी ने किया सीएम योगी को काल, ली जानकारी।
हाथरस जिले से ४७ किमी दूर फूलराई गांव में भोलेबाबा के सत्संग के बाद वहां पंडाल में भगदड़ मच गई जिसमें लगभग १२२ श्रद्धालुओं की मौत हो गई है। आनन फानन में लोगों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।कइयों की हालत गंभीर है, इसलिए मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, इसकी संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
पूरी घटना आज दोपहर १ बजे की है।
एटा अस्पताल के निकट ड्यूटी पर तैनात सिपाही रजनीश इतनी लाशे एक साथ न देख सके और हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई।
घायलों को टेंपो, बसों में भरकर ऐटा अस्पताल, सीएचसी, अलीगढ़ मेडिकल सेंटर लाया गया।हालत इतने बदतर थे, लाशों को ढकने के लिए चादर तक मौजूद नहीं थी, कितने ही घायल जमीन पर तड़पते नजर आए।अस्पतालों में तुरंत इलाज के लिए इतने डॉक्टर भी उपलब्ध नहीं थे। मरनेवालो में अधिकांश महिलाएं हैं।
हाथ रस प्रशाशन की भरी लापरवाही सामने आई है।इतने बड़े सत्संग की मंजूरी, पूरे आयोजन में किसी बड़े अफसर का न होना, कुछ पुलिस कर्मी जनो का यहां वहां घूमते रहना, लाखों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं होना, भगदड़ के बाद घायलों, मृतकों को उठाने वाला कोई न होना.. भारी लापरवाही दिखाता है।
सत्संग के बाद भोलेबाबा के काफिले के पीछे कई श्रद्धालु दौड़े, उनकी चरण रज लेना चाहते थे जिस समय भीड़ अनियंत्रित हो गई और इतना भीषण हादसा हो गया।
घटना की जांच के लिए एडीजी, अलीगढ़ के आयुक्त की टीम लगी है।डीजीपी प्रशांत कुमार, सीएम योगी अन्य दो मंत्री घटना स्थल पर पहुंचे।
कौन हैं भोले बाबा?
असली नाम नारायण हरि। पिछले २५ वर्ष से सत्संग कर रहे हैं। राजस्थान, हरियाणा में भी बहुत से भक्त हैं। ऐटा के निवासी हैं।
मामले की गंभीर जांच की जाएगी: सीएम योगी
योगी जी ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है, यह हादसा है या साजिश..जांच होगी पर इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
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