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आज है योगिनी एकादशी/ जानिए महात्म्य

आज है योगिनी एकादशी
2 जुलाई को योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि के दिन योगिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। धार्मि मान्यताओं के अनुसार, एकादशी का व्रत रखने और श्री हरि के साथ मां लक्ष्मी की आराधना करने शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में सुख-सौभाग्य और समृद्धि बनी रहती है। तो आइए अब जानते हैं कि योगिनी एकादशी की पूजा किस विधि के साथ करना फलदायी होता है। 
योगिनी एकादशी पूजा विधि
एकादशी के दिन प्रात:काल उठकर स्नान आदि कर साफ-सुथरे कपड़े पहन लें।
एकादशी के दिन पीले रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना जाता है। 
इसके बाद मंदिर या पूजा घर की सफाई कर गंगाजल छिड़कर शुद्ध कर लें।
अब एक चौकी स्थापित कर उसपर पीले रंग का कपड़ा बिछा दें। 
चौकी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर रखें। 
भगवान विष्णु के सामने व्रत का संकल्प लें। 
फिर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को हल्दी, कुमकुम का तिलक लगाएं। 
मां लक्ष्मी को श्रृंगार की चीजें अर्पित करें।
इसके बाद घी का दीया और धूप जलाएं और पूजा प्रारंभ करें। 
विष्णु चालीसा और मंत्रों का जाप करें। 
एकादशी व्रत की कथा जरूर सुनें।
पूजा के बाद विष्णु जी की आरती करें। 
लक्ष्मी-नारायण को पंचामृत , फल, फूल और मिठाई आदि पूजा सामग्री अर्पित करें।
भगवान विष्णु के भोग में तुलसी का पत्त जरूर रखें। 
पूजा के बाद प्रसाद सभी में वितरण करें।
एकादशी के दिन पीपल वृक्ष की पूजा भी जरूर करें।

योगिनी एकादशी 2024 शुभ मुहूर्त और पारण का समय

आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि प्रारंभ- 1 जुलाई 2024 को सुबह 10 बजकर 26 मिनट से
आषाढ़ कृष्ण पक्ष एकादशी तिथि समाप्त- 2 जुलाई को सुबह 8 बजकर 42 मिनट पर
योगिनी एकादशी व्रत तिथि- 2 जुलाई 2024
योगिनी एकादशी 2024 पारण का समय-  3 जुलाई 2024 सुबह 5 बजकर 28 मिनट से सुबह 7 बजकर 10 मिनट तक
विष्णु जी के मंत्र
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय 
श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
 ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
ॐ नारायणाय नम:

एकादशी के दिन न करें ये काम
एकादशी के दिन चावल का सेवन वर्जित माना गया है।
इस दिन नाखून, दाढ़ी और बाल नहीं कटवाना चाहिए।
एकादशी का व्रत रख रहे हैं तो अन्न और नमक का सेवन न करें।
एकादशी के दिन तामसिक चीजों से दूर रहें।
एकादशी के दिन किसी को खाली हाथ न लौटाएं कुछ न कुछ चीजों का दान जरूर करें।
( संकलन: आचार्य अजय मिश्र जी, मुख्य पुजारी विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकडी, सिद्ध पीठ, सायन ,मुंबई)

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