धारावी में पुलिस के सामने आरिफ, नियाज़, अल्लू, जुम्मन समेत समूह ने अरविंद वैश्य को तलवार से काट डाला।अस्पताल ले जाया गया, मौत घोषित/ एक को किया गिरफ्तार/ पुलिस व्यवस्था का बना मजाक
रविवार की शाम धारावी पुलिस स्टेशन में अरविंद वैश्य ने अपनी शिकायत बताई कि आरिफ, नियाज़, अल्लू, जुम्मन और कुछ लोग उसे जान से मारने की धमकी दिए हैं। उसे मारा पीटा भी गया है।

पोलिस अधिकारी के अनुसार अरविंद के साथ तुरंत दो सिपाही भेजे गए ताकि मौके पर जाकर मामले को शांत किया जाए।
इन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिसवालों के साथ देखा तो धमकाया कि केस वापस ले नहीं तो अंजाम बहुत बुरा होगा।
सिपाही अरविंद के साथ चल रहे थे, अरविंद राजीव नगर स्थित वसीम गराज के पास ही पहुंचा था कि घात लगाए इन आरिफ, नियाज़, अल्लू, जुम्मन, शेर अली आदि ने मिलकर तलवार से काट डाला।दोनो सिपाही मूकदर्शक बने रहे और सिर्फ एक आरोपी अल्लू को गिरफ्तार किया जबकि अन्य सभी फरार हो गए।
अरविंद के भाई शैलेन्द्र वैश्य के अनुसार उसे एक मित्र कदम ने फोन पर बताया कि नियाज़ अल्लू जुम्मन आदि का सिद्धेश से झगड़ा हुआ और उन लोगो ने मिलकर सिद्धेश और उसके बाप को मारा पीटा, बीच बचाव करने के लिए अरविंद गया तो उसे मारा पीटा गया है और जान से मारने की धमकी दी है।
यह मामला ठीक उन साधु जैसा है जिसे आदिवासी भीड़ ने मिलकर पुलिस के सामने ही मार डाला था और पुलिस प्रशाशन कुछ न कर सकी थी।
कदाचित सिपाहियों ने सोचा कि यदि अरविंद को बचाया तो हो सकता है वह भी इनकी बलि चढ़ जाएं।
वह तो पिछड़ा ग्रामीण इलाका था लेकिन धारावी तो मुंबई का केंद्र बिंदु है। अदानी समूह इसका कायापलट करने जा रहा है।एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती कही जानेवाली धारावी में अब बहुसंख्यक के नाम पर मुस्लिम समुदाय के लोग हैं और यहां कपड़ा, चर्म उद्योग, स्कूल ड्रेस, जूते चप्पल, लैदर बैग इत्यादि के बड़े बड़े स्टोर हैं जो स्वयं बनाते हैं और कई जगह सप्लाई किए जाते हैं।
यहां की इस लचर कानून व्यवस्था को देखकर सवाल खड़ा हो जाता है कि शंघाई बनने जा रही मुंबई में यह कैसे संभव है?
रविवार की ही शाम धारावी की एक साबुन बनाने की फैक्ट्री पर गोलियां बरसाई गई, अज्ञात लोगों की तलाश में छानबीन की जा रही है।
इस मामले से पूरे धारावी में हड़कंप मच हुआ है।
यही से २० वर्ष तक वर्तमान में सासंद एवं कांग्रेस की वरिष्ठ नेता, मुंबई इकाई अध्यक्ष वर्षा गायकवाड विधायिका रही हैं। मविआ सरकार में धारावी से विधायिका होने के साथ ही वह राज्य कैबिनेट में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री और शिक्षण मंत्री भी रहीं हैं।
मुंबई पोलिस, राज्य प्रशाशन, राज्य के गृह मंत्री, मुख्यमंत्री को ऐसी घटनाओं पर संज्ञान लेना अति आवश्यक है। शहर संघाई में तब्दील न हो तब भी चलेगा लेकिन कम से कम दहशत से तो मुक्त होना अनिवार्य है। नहीं तो नौबत यह न आ जाए, कि हजारों लोगों का पेट पालने वाली और मुंबई की अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देनेवाली धारावी सूनी न रह जाए और लोग पलायन करने लगें। उल्लेख कर दें कि धारावी सायन और बांद्रा कुर्ला कांप्लेक्स के बीच का क्षेत्र है। बीकेसी मुंबई का फाइनेंसियल हब है।
No comments
Post a Comment