यषश्री शिंदे हत्याकांड/ मोहम्मद दावूद शेख ने ही की हत्या? बेरहमी से प्राइवेट पार्ट , सीने पीठ, पेट को चाकू से गोंदा/ मुंबई से सटे ऊरन की घटना
तारीख २७ जुलाई २०२४
समय रात्रि २ बजे
कंट्रोल रूम में फोन आया कि उरन रेलवे स्टेशन के पास पनवेल की ओर जानेवाली सड़क के बगल स्थित झाड़ी में एक लड़की का शव मिला है। आनन फानन में पुलिस मौके पर पहुंची जहां झाड़ी मे मलबे के पीछे एक लड़की का शव बुरी स्थिति में पाया।
चेहरा इतना बुरी तरह क्षतिग्रस्त था कि पहचान संभव नहीं थी।माता पिता ने उसके कपड़े से उसे पहचाना।
यह लड़की उरन की रहनेवाली २० वर्षीया यषश्री शिंदे थी।
बेलापुर के एक कॉल सेंटर में काम करनेवाली यषश्री घर से २५ जुलाई की सुबह कम के लिए निकली लेकिन शाम तक घर नहीं लौटी तो परिवार ने पहले बहुत ढूंढा और परेशान होकर उरन पोलिस ठाणे में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पोलिस ने जब लड़की के फोन की काल डिटेल रिपोर्ट निकाली तो पाया कि एक नंबर पर घंटो बात हुई थी।यह नंबर था उरन के ही रहनेवाले मोहम्मद दावूद शेख का ।दावूद शेख की यशश्री से पुरानी दोस्ती थी, माता पिता ने २०१९ में उसे बेटी यश श्री के साथ गलत हरकत करते देख लिया और उस पर पुलिस ने उस समय पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। उस समय लड़की नाबालिग थी।
शेख लंबे समय तक जेल काटकर बाहर आया और अपने गांव कर्नाटक भाग गया। बाद में कुछ समय पहले वापस यहां आया। लड़की से कई बार माफी मांगी और दोस्ती की मिन्नते करने लगा। यशश्री उसके इस जाल में फंस गई।
यशश्री के मां बाप का कहना है कि पोक्सो एक्ट में जेल भेजें जाने का बदला शेख ने उनकी बेटी को मारकर लिया है। जिस दिन से लड़की गायब हुई उसी दिन से शेख भी फरार है, उसका फोन भी बंद है। शेख ने २०१९ में जब वह खुद १५ साल का था तब यशश्री का यौन शोषण किया था और उसे जेल भेजा गया था। दावूद शेख पेशे से ड्राइवर है।
जिस तरीके से यशश्री को मारा गया, उसके गुप्तांगों में चाकू से वार किया गया है।सीने , पीठ, पेट, चेहरे सभी जगह कई वार किए गए ।कपड़े फाड़े गए है। बाल काट दिए गए ताकि शव की पहचान न हों सके।चेहरे को भी कुचल दिया गया..यह बेरहमी भयावह है।
पोलिस की टीम शेख की तलाश में जुटी है, एक टीम कर्नाटक भी गई है।
उरन पोलिस के वरिष्ठ अधिकारी राजेंद्र कोटे के अनुसार यशश्री कॉमर्स की पढ़ाई कर चुकी थी और डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में एक कंपनी में काम करती थी। गुरुवार सुबह घर पर यह बोलकर निकली कि सहेली के यहां जा रही है लेकिन नहीं लौटी।देर शाम गुरुवार को ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
डिटेक्शन ब्रांच अधिकारियों के अनुसार, जब राते २ बजे PCR में फोन आने के बाद वहां पुलिस कोट नाका, उरन के पास झाड़ी में पहुंची तो स्थिति भयावह थी।उसके चेहरे को कुत्तों ने नोच खाया था।कंधे के मांस को भी कुत्तों ने नोच खाया था। चेहरा इतना विक्षिप्त था कि पहचानना ही मुश्किल था।कपड़ों और कमर में बने एक टैटू से मां बाप उसे पहचान पाए थे।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि यह पुष्टि हो सके कि मारने से पहले रेप किया गया या नहीं ,यह स्पष्ट हो सके।
इलाके के लोगों में भारी नाराजगी है और माहौल तनावपूर्ण है।पुलिस प्रशाशन से शांति बनाए रखने की अपील की है।
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