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लोकसभा घमासान/ महाराष्ट्र की दिल्ली उड़ान; शिरसाट की भाजपा को दो टूक; न होते शिंदे बागी तो भाजपा अब भी होती विपक्ष में

लोकसभा चुनाव की गर्मी पूरे देश में धीर-धीरे फैलती जा रही है। महाराष्ट्र भी इस दौड़ में पीछे नहीं है।

कल शुक्रवार को महाराष्ट्र के  मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे अपने दोनों उपमुख्यमंत्री अजीत पवार एवं देवेंद्र फडणवीस समेत राजधानी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अधिकारिक आवास पर मीटिंग करते हुए नजर आए।
इससे पहले वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ भी बातचीत करते हुए दखे।

दरअसल अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एवं एकनाथ शिंदे की शिवसेना , भाजपा द्वारा लोकसभा की सीट शेयरिंग फॉर्मूला पर असंतुष्ट दिखाई दे रही है।

एक और जहां बीजेपी महाराष्ट्र में 48 में से 34 सीटों पर लड़ना चाहती है जबकि अन्य 14 सीट राकांपा और शिवसेना को देना चाहती है जबकि दोनों अन्य पार्टियों के नेता इससे संतुष्ट नहीं दिखाई दे रहे हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में एक जनसभा में कहा कि भाजपा के पास सबसे अधिक विधायक होने के बावजूद एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया । इसके जवाब में शिंदे सरकार के विधायक संजय सिरसाट ने कहा कि यदि एकनाथ शिंदे बागी न हुए होते तो आज भी भाजपा  के १०५ विधायको की संख्या के बावजूद वह विपक्ष में ही बैठी होती। जाहिर है दोनो पक्षों में मतभेद साफ दिख रहे हैं।

भाजपा २३ सीटों पर लड़ना चाहती है जबकि शिवसेना ५ और राकांपा ३ पर लड़नेवाली है। १७ सीटों पर घमासान जारी है।

शिवसेना ने पिछली बार मुंबई उत्तर पश्चिम, दक्षिण मध्य, कल्याण, मावल, रामटेक, दक्षिण मुंबई, ठाणे,  पालघर, नाशिक, रत्नागिरी सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, धाराशिव( उस्मानाबाद ), बुलढाणा, परभणी, हिंगोली, शिर्डी, यवतमाल वासिम से लोकसभा सीट जीती थी।

यवतमाल वासिम से भाजपा नही चाहती कि शिवसेना वर्तमान सांसद भावना गवली को टिकट दे जबकि भावना सीट छोड़ना नहीं चाहती।

परभणी सीट तीनों पार्टी एक दूसरे को देने के लिए तैयार हैं क्यों कि यह ठाकरे परिवार का गढ़ माना जाता रहा है।

अमरावती से निर्दलीय उम्मीदवार नवनीत राणा जीती थी जबकि भाजपा और शिवसेना दोनो ही उन्हे अपने सिंबल से टिकट देने पर अड़े हुए हैं।

बुलढाणा की सीट भाजपा लड़ना चाहती है, जबकि शिवसेना से सिटिंग एमपी मौजूद है।

नाशिक पर भी भाजपा की नजरे हैं। ठाणे से भाजपा इस बार लड़ना चाहती है।भंडारा गोंदिया से भाजपा जीती है जबकि राकांपा के प्रफुल पटेल यहां से इच्छुक हैं।
गड़ चिरोली से भाजपा जीती हुई है पर राकांपा अपना दावा करना चाहती है।

औरंगाबाद से ओवैसी की पार्टी AIMIM ka सांसद है जबकि भाजपा और शिवसेना दोनो यहां से उम्मीदवार लड़ाना चाहते हैं।

हिंगोली से शिवसेना का सांसद है पर हाल ही में कांग्रेस की नैया छोड़ भाजपा को शिप में सवार हुए अशोक चव्हाण यहां से अपना उम्मीदवार उतारना चाहते हैं।
सतारा, कोल्हापुर से भी भाजपा अपने उम्मीदवार उतारना चाहती है।




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