पहली आठ उम्मीदवारों की सूची में श्रीकांत शिंदे,भावना गवली का नाम नहीं, कांग्रेस से आए विधायक को शिंदेसेना ने दिया टिकट
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समर्थित शिवसेना ने कल आठ लोगों की उम्मीदवारी वाली पहली सूची में से सात वर्तमान सांसदो को उतारा है।
कांग्रेस विधायक राजू परवे ने हाल ही में शिंदे की शिवसेना का दामन थामा है, उन्हे रामटेक लोकसभा क्षेत्र से टिकट दिया गया है। अभी यहां से कृपाल तुमाने सांसद हैं। पहले चरण के चुनाव के तहत रामटेक में चुनाव संपन्न होगा।
कल्याण सीट से वर्तमान में श्रीकांत शिंदे सांसद हैं लेकिन इस सूची में उनका नाम नही है।
इसके अतिरिक्त ठाणे जो मुख्यमंत्री का निवास क्षेत्र है, वहां से वर्तमान सांसद राजन विचारे को उद्धव ठाकरे समर्थित शिवसेना से टिकट दिया गया है, यहां से शिंदे की जारी लिस्ट में किसी का नाम नहीं है।
यवतमाल वासिम क्षेत्र से पांच बार सांसद रही भावना गवली का नाम भी शिंदे सरकार द्वारा जारी सूची में नहीं है।
२०१९ के चुनाव में अविभाजित शिवसेना ने 22 सीटों पर चुनाव लड़ा था। जिसमें से 18 सीट शिवसेना के खाते में आई थी, भाजपा और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था।
नासिक क्षेत्र से अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अपने वरिष्ठ नेता छगन भुजबल को मैदान में उतारना चाहती है हालांकि अभी तक इस पर कोई आधिकारिक फैसला नहीं लिया गया है।
दक्षिण मध्य मुंबई से शिवसेना ने अपने वर्तमान सांसद राहुल शेवाले को फिर से चयनित किया है यहां से उद्धव ठाकरे समर्थित शिवसेना की तरफ से अनिल देसाई को उतारा गया है।
शिंदे सेना ने कोल्हापुर से संजय मांडलिक को उतारा है जो कांग्रेस के उम्मीदवार छत्रपति शाहू महाराज के खिलाफ चुनाव में है ।छत्रपति शाहू महाराज मराठा शासक शिवाजी महाराज के 12वें वंशज हैं।
शिवसेना के हेमंत पाटिल को हिंगोली से उतरा गया है जो शिवसेना यूबीटी के नागेश अष्टीकर के खिलाफ लड़ेंगे। शिर्डी क्षेत्र से सदाशिव लोखंडे मैदान में है जो शिवसेना UBT के भाऊसाहब वाकचौरे के खिलाफ लड़ेंगे।
बुलढाणा से प्रताप राव जाधव को मैदान में उतारा गया है जो यूबीटी शिवसेना के नरेंद्र खेडेकर के विरुद्ध लड़ेंगे।
मावल से श्रीरंग बरने को सूची में स्थान मिला है जो शिवसेना UBT के संजोग वाघेरे पटोल के सामने हैं।
शिवसेना के विभाजन के बाद १३ सांसदों ने एकनाथ शिंदे समूह को ज्वाइन किया जबकि ६ सांसद शिवसेना UBT के साथ खड़े हैं।कई विधायक, सांसद ,कार्यकर्ता, पदाधिकारी इस बात से नाराज हैं कि भाजपा अपने उम्मीदवार कई ऐसे क्षेत्र से उतारना चाहती है जहां शिवसेना का गढ़ है , कई पदाधिकारी इसके खिलाफ जा सकते हैं।
भाजपा निर्दलीय सांसद नवनीत राणा को पार्टी टिकट देकर अमरावती से लड़ाना चाहती है, जहां से वह इस समय सांसद हैं, लेकिन अन्य दोनो सहयोगी पार्टियों को यह ठीक नहीं लग रहा है।
कांग्रेस की ओर से भी इस पर आलोचना हो रही है और निर्दलीय विधायक बच्चू कडू जो भाजपा शिवसेना के सहयोगी भी हैं, पूर्व सांसद आनंद राव अडसूल भी इस प्रस्ताव के विरोध में हैं।
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