0 होलिका दहन कब? इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण भी होलिका दहन को ही, जानिए विशेष - Khabre Mumbai

Breaking News

होलिका दहन कब? इस वर्ष का पहला चंद्रग्रहण भी होलिका दहन को ही, जानिए विशेष

फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा (24 मार्च) को रात 11:13 बजे के बाद होलिका दहन किया जाएगा। क्योंकि इस दिन सुबह 9:24 बजे से रात 11:12बजे तक भद्रा है। दूसरे दिन 25 मार्च को होलिका पड़ी रहेगी।

 26 मार्च को प्रतिपदा तिथि में सूर्योदय होने के कारण प्रातःकाल होलिका दहन भूमि को प्रणाम कर विभूति धारण की जाएगी। इसके बाद दिन भर होली व वसंत उत्सव मनाया जाएगा।

होलिका दहन पूजा पूजा विधि 

फाल्गुन पूर्णिमा पर होलिका दहन से पहले होलिका माई की विधिवत पूजा होती है. इस दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान के बाद साफ-सुथरे वस्त्र पहनें. रात्रि को होलिका दहन के स्थान पर पूजा की थाल लेकर जाएं. यहां पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें. सबसे पहले होलिका को उपले से बनी माला अर्पित करें. अब रोली, अक्षत, फल, फूल, माला, हल्दी, मूंग, गुड़, गुलाल, रंग, सतनाजा, गेहूं की बालियां, गन्ना और चना आदि चढ़ाएं।

इसके बाद होलिका पर एक कलावा बांधते हुए 5 या 7 बार परिक्रमा करें. अंत में जल चढ़ाकर होलिका माई से सुख-संपन्नता की प्रार्थना करें।शाम को होलिका दहन के समय अग्नि में जौ या अक्षत अर्पित करें। इसकी अलाव में नई फसल को चढ़ाते हैं और भूनते हैं। भुने हुए अनाज को लोग घर लेकर आते हैं और प्रसाद के रूप में उसे वितरित करते हैं। शास्त्रों में ऐसा करना बहुत ही शुभ माना गया है।

पंचांग के अनुसार, इस बार होली के दिन साल का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने वाला है. यह चंद्र ग्रहण कन्या राशि में लगेगा. यह चंद्र ग्रहण चंद्र ग्रहण सोमवार, 25 मार्च को होली के दिन लगेगा. यह चंद्र ग्रहण सुबह 10 बजकर 24 मिनट से लेकर दोपहर 03 बजकर 01 मिनट तक रहेगा. यानी चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 4 घंटे 36 मिनट की होगी।

भारत में नही रहेगा सूतक
परंतु यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा. इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इसमें पूजा-पाठ, शुभ व मांगलिक कार्य भी बाधित नहीं होंगे. यह चंद्र ग्रहण उत्तर-पूर्व एशिया, यूरोप, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, जापान, रूस, आयरलैंड, इंग्लैंड, स्पेन, पुर्तगाल, इटली, प्रशांत, अटलांटिक और आर्कटिक महासागर जैसी जगहों से दिखाई पड़ेगा।

( प्रस्तुति: आचार्य अजय मिश्र जी, मुख्य पुजारी विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकडी सिद्ध पीठ, सायन मुंबई)

No comments