0 सायन कोलीवाडा के झोपड़ी से निकलकर इंडियन आर्मी ऑफिसर बना उमेश कीलू/ १२ बार असफलताओं के बावजूद नही मानी हार - Khabre Mumbai

Breaking News

सायन कोलीवाडा के झोपड़ी से निकलकर इंडियन आर्मी ऑफिसर बना उमेश कीलू/ १२ बार असफलताओं के बावजूद नही मानी हार

कोशिश करनेवालों की कभी हार नही होती।

यह कवि हरिवंशराय बच्चन की कविता की पंक्ति उमेश कीलू पर चरितार्थ होती है।

मारियम्मन मंदिर, सायन कोलीवाडा के स्लम में १०*१० के छोटे से कमरे में चार लोगों के परिवार के बीच पला बढ़ा उमेश दिल्लीराव कीलु आज मुंबई के कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गया है।

२६ वर्षीय उमेश अब इंडियन आर्मी ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी से चेन्नई में हुई ऑफिसर कैडेट की ट्रेनिंग पास कर लेफ्टिनेंट बन गया है। उमेश ने इस दिन के लिए १२ बार प्रयास किया लेकिन हार नही मानी।

उमेश के पिता पेंटर थे और हमेशा कोशिश यही रही कि दोनो बच्चो को बेहतर शिक्षा दे सकें। बाद में उमेश के पिता लकवा की चपेट में आ गए। 

उमेश की कहानी जीवन के कई उतार चढ़ाव से भरी है जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणा है। इंडियन आर्मी सभी के लिए समान अवसर देता है।

उमेश कीलू ने कई न चाहनेवाले काम भी किए ताकि परिवार को आर्थिक मदद दे सके, लेकिन पढ़ना नहीं छोड़ा।कंप्यूटर साइंस में मास्टर की डिग्री के साथ ही SSB परीक्षा भी दी।NCC के एयर विंग में काम किया और C सर्टिफिकेट हासिल किया।।उमेश की मां धनलक्ष्मी बताती हैं कि उमेश ने एक साइबर कैफे में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में भी काम किया ताकि परिवार को मदद कर सके।

उमेश कीलू ने एसएसबी की परीक्षा पास की और OTA ( officers training academy) पहुंचा लेकिन इस दौरान समाचार मिला कि लकवा से ग्रसित पिता की मौत हो गई है। विशेष प्रोविजन के तहत छुट्टी लेकर उमेश ने पिता का अंतिम संस्कार किया। इंडियन आर्मी प्रवक्ता ने कहा कि उमेश के कंधे पर ऑफिसर रैंक के सितारे बड़ी मेहनत से आए हैं और चमक रहे हैं।




No comments