क्या कुछ कहा एकनाथ शिंदे ने जूपिटर हॉस्पिटल में महेश गायकवाड की स्थिति का जायजा लेने के बाद
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे एवं उनके सुपुत्र श्रीकांत जो लोकसभा क्षेत्र से सांसद भी हैं , ने ठाणे स्थित जूपिटर हॉस्पिटल में जाकर महेश गायकवाड की स्थिति का जायजा लिया। शिंदे ने कहा कि भाजपा विधायक गणपत गायकवाड ने जिस तरह से अपनी आत्मरक्षा को लेकर बयान दिया है उसका तो सवाल ही नहीं उठता । सीसीटीवी फुटेज में बिल्कुल स्पष्ट तरीके से दिखाई देता है कि यह एक पूर्व नियोजित हमला लगता है, सभी शांत बैठे थे जिस समय समय रिवाल्वर चलाई गई।
शिंदे ने कहा कि 10 गोलियां चलाई गई हैं जिसमें 6 गोली महेश गायकवाड को लगी है और इस मामले में SIT अपनी जांच करेगा।
पहले गणपत गायकवाड विधायक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही कोर्ट में कार्रवाई के लिए निश्चित किया गया था लेकिन बाद में भारी सुरक्षा मामलों के बीच उल्हासनगर कोर्ट में शाम को कल 5:00 बजे उन्हें लाया गया। उल्हासनगर की पुलिस ने कहा कि उन्हें यह एक प्री प्लांड स्टोरी लगती है । इसीलिए 14 दिन की पुलिस रिमांड चाहिए जिस पर न्यायाधीश ने 11 दिनों की पुलिस हिरासत में विधायक गायकवाड को 14 फरवरी तक भेज दिया है। सुरक्षा मामलों को देखते हुए कलवा पुलिस स्टेशन में तीनों अभियुक्त को रखा गया था। कलवा पुलिस स्टेशन के बाहर ,उल्हासनगर परिसर कल्याण के रेजिडेंशियल इलाकों में भारी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
कल शनिवार के दिन कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का जमावड़ा उल्हासनगर के हल लाइन पुलिस स्टेशन में होता रहा पुलिस निरीक्षक के केबिन में शिकायतकर्ता बैठे हुए थे जिस समय विधायक गणपत गायकवाड भी वहां विवादित जमीन को लेकर एक कंप्लेंट फाइल करने के लिए पहुंचे थे।
सीनियर पी आई अपने केबिन से बाहर निकाल कर पुलिस थाने के सामने मौजूद भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गए और तुरंत ही वापस दौड़कर अपने केबिन की तरफ आए इस समय उन्होंने गन शॉट की आवाज सुनी थी और देखा कि गणपत ने महेश गायकवाड पर फायरिंग की थी । महेश जमीन पर नीचे गिरा हुआ था और विधायक गणपत गायकवाड अपने रिवाल्वर से उसे मार रहे थे। पुलिस अधिकारी ने उनके हाथ से रिवाल्वर छीन लिया, इस पर विधायक के बॉडीगार्ड हर्षल केनी केबिन में दाखिल हुए और गायकवाड महेश तथा स्थानीय कार्यकर्ता राहुल पाटिल पर गोली चलाने लगे।
इस पूरे प्रकरण में उद्धव ठाकरे समर्थित शिवसेना कांग्रेस ,शरद पवार समर्थित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सभी ने एक साथ हमला बोल दिया है।
कानून की धज्जियां उड़ाने की बात करते हुए शिवसेना यूबीटी के राज्यसभा सदस्य संजय राउत ने कहा कि जब तक शिंदे मुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहेंगे माफिया राज इसी तरह पनपता रहेगा। एक तरफ सरकार अपोजिशन लीडर्स को टारगेट कर रही है और दूसरी तरफ जेल से गैंगस्टर को रिलीज कर रही है ताकि सत्ताधारी पार्टियों को इलेक्शन में फायदा पहुंच सके।
शिवसेना यूबीटी के विधायक एवं पूर्व राज्य पर्यटन मंत्री रहे आदित्य ठाकरे ने कहा है कि पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें शिंदे समूह के नेता लोगों पर अटैक करने में शामिल रहे हैं जिसमें कई भाजपा के कार्यकर्ता भी शामिल है।
एक और विधायक ने मुंबईकरों को बंदूक दिखाकर गणपति उत्सव के दौरान डराया था। पुलिस स्टेशन परिसर में ही एक गन बुलेट भी विधायक के द्वारा चलाई गई थी।
इसी तरह के एक दूसरे मामलों में शिंदे गुट के ही विधायक के बेटे को सीसीटीवी कैमरे में दिखाया गया कि एक व्यापारी का मुंबई से अपहरण किया गया है पर पुलिस द्वारा कोई एक्शन नहीं लिया गया।
उत्तर मुंबई में भी इसी तरह के विधायक के समर्थकों ने एक भाजपा के कार्यकर्ता को पीटा था लेकिन इस पर भी मुंबई पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया पिछले दो सालों में बहुत सारे इंसान तक घटनाएं हुई हैं जिसका आधार फर्जी व्हाट्सएप संदेश रहे हैं गुंडे व्यापारियों को धमका रहे हैं और महाराष्ट्र जैसे राज्य में यह सब बेशर्मी से चल रहा है।
राकांपा से सांसद सुप्रिया सुले ने कहा है कि जब पुलिस स्टेशन के अंदर ही गोलियां चल रही हैं तो ऐसे में राज्य के गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को इस्तीफा दे देना चाहिए। वह इस मुद्दे को संसद में भी रखेंगी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी इसकी जानकारी देंगी।
यह पूरा जमीन विवाद का मामला उल्हासनगर से 10 किमी दूर स्थित द्वारली गांव का है।
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