पी एम सी बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरयाम सिंह करतार सिंह को मुंबई हाई कोर्ट ने दी जमानत
पंजाब महाराष्ट्र कॉपरेटिव बैंक के पूर्व अध्यक्ष वरयाम सिंह करतार सिंह को मुंबई हाई कोर्ट ने 6670 करोड़ के बैंक फ्रॉड मामले में अब जमानत दे दी है।
मुंबई उच्च न्यायालय के एकल जज बेंच के न्यायाधीश एम एस कर्णिक के द्वारा 73 वर्षीय पूर्व पीएमसी बैंक के चेयरमैन को एक लाख के स्योरिटी बॉन्ड तथा एक और स्थानीय साक्षीदार के उतने ही स्यॉरिटी बॉन्ड के आधार पर जमानत दी गई है।
खंडपीठ का कहना है कि अभी तक 4 साल से अधिक वक्त गुजर जाने के बावजूद वरयाम सिंह पर चार्ज फिक्स नहीं किए गए हैं , इसलिए तुरंत ही ट्रायल के शुरू होने की संभावना कम नजर आती है। उन्हें स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के आधार पर जमानत दी जाती है हालांकि उन पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
आपको बता दे कि पंजाब महाराष्ट्र को आपरेटिव बैंक की महाराष्ट्र समेत 6 राज्यों में 137 शाखाएं हैं और इस बैंक ने 7457 करोड़ तक का लोन 44 विभिन्न कंपनियों से संबंधित खातों में ट्रांसफर किए थे जिसमें मुख्य रूप से हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को लोन दिया गया था। अपने कोर बैंकिंग सिस्टम के नियमों से छेड़छाड़ करते हुए बैंक की प्रबंधक कमेटी ने 21049 फेक अकाउंट्स बनाए थे जिसके जरिए यह सारे लोन के पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
मुंबई पुलिस की आर्थिक शाखा ने पीएमसी बैंक के तत्कालीन अध्यक्ष वरयाम सिंह करतार सिंह को दोषी माना जिनके सीधे संबंध Housing development and infrastructure limited कंपनी के साथ थे और उन्होंने उसे कंपनी को बैंकिंग सिस्टम के विरुद्ध जाकर सहयोग किया है , बिना बैंकिंग प्रक्रिया को पूरी तरह अपनाए लोन देने में अपने पावर का गलत इस्तेमाल किया, इस तरह बैंक के 12 लाख जमा कर्ताओं के पैसे के साथ उन्होंने खिलवाड़ किया, उन्हे 2019 में अरेस्ट किया गया था। वह अब तक 4 वर्ष 3 महीने जेल में बिता चुके हैं।
उच्च न्यायालय में यह भी आदेश दिया है कि वरयम सिंह मुंबई छोड़कर नहीं जा सकते जब तक कि उन्हें ट्रायल कोर्ट से अनुमति नहीं दी जाती और उन्हें इस मामले से संबंधित ट्रायल को नियमित रूप से उपस्थित रहकर अटेंड करना जरूरी होगा।
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