वेतन भत्ता बढ़ने, होस्टल सुविधा बेहतर करने की मांग पर अड़े निवासी डॉक्टर/ २५ मेडिकल कॉलेज के ८००० डॉक्टर हड़ताल पर / आज राज्य सरकार की कैबिनेट मीटिंग पर सबकी नजर
महाराष्ट्र के रेजीडेंट डॉक्टर जो अपना मेडिकल ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद 3 साल से 7 साल की रेजिडेंसी यानी निवासी चिकित्सक के रूप में ट्रेनिंग ले रहे हैं उन्होंने अपना वेतन भत्ता बढ़ाने और हॉस्टल की सुविधाओं को और बेहतर करने के लिए समय-समय पर कई बार आवाज उठाई है।
इस महीने 7 तारीख को जब से उन्होंने अपना अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू किया है तो राज्य सरकार ने उन्हें विश्वास दिलाया कि उनकी मांगे दो दिनों के अंदर पूरी कर ले जाएगी और इन निवासी डॉक्टर ने अपना हड़ताल समाप्त कर दिया लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बावजूद अब तक सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। हमे कई बार मरीज के बेड पर सोना पड़ता है।एक कमरे में पांच लोग रहते हैं, कमरे में चूहे घूमते हैं। यूपी बिहार के जूनियर डॉक्टर से भी बदतर स्थिति में हम रह रहे हैं।
ऐसा महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर यानी एम ए आर डी ( MARD) के उपाध्यक्ष डॉक्टर सरबिक डे का कहना है।
MARD के अध्यक्ष डॉ अभिजीत हलगे के अनुसार महाराष्ट्र सरकार के अंतर्गत चलने वाले सभी 25 मेडिकल कॉलेज के प्रतिनिधि हमारे साथ हैं। हर बार की तरह हमें आश्वासन दिया जाता है कि हमारी मांगे पूरी हो जाएंगे लेकिन ऐसा होता नहीं है। हमारी मांगे बिल्कुल बेसिक है।
हम चाहते हैं कि जिस तरह केंद्रीय स्तर पर रेजिडेंट डॉक्टरों की वेतन 1.2 लाख प्रतिमाह है, इस तरह हमें भी पे स्केल बढ़कर दिया जाए जो कि वर्तमान में एक जूनियर निवासी डॉक्टर की मासिक वेतन 78 हजार और 82 हजार रुपए प्रति माह है।
इतना ही नहीं संगठन के अध्यक्ष अभिजीत हेलगे के अनुसार राज्य में 8000 रेजिडेंट डॉक्टर हैं जबकि हॉस्टल की फैसिलिटी सिर्फ 3000 के लिए ही है। हम इसमें भी बेहतर सुविधा चाहते हैं जिस पर अब तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हमने फैसला किया है कि आज राज्य सरकार जो कैबिनेट मीटिंग लेने वाली है उस पर दिए गए फैसले के बाद ही हम यह देखेंगे कि हमें हमारी हड़ताल समाप्त करनी है या नहीं करनी है।
अकेले जे जे अस्पताल में शुक्रवार के दिन 45 छोटी सर्जरी और 51 बड़ी सर्जरी की गई हैं। निवासी डॉक्टर का कहना है कि किसी भी पेशेंट को हम इलाज से वंचित नहीं कर रहे हैं ,लेकिन अगर यह ऐसा ही चलता रहा तो सोमवार को इसका असर जरूर पड़ेगा।
फिलहाल आउट पेशेंट डिपार्मेंट यानी ओपीडी में सिर्फ जे जे अस्पताल में 1842 मैरिज शुक्रवार के दिन पाए गए जिसमें से 64 एडमिट किए गए थे।
जो डिपार्टमेंटल फैकल्टी डॉक्टर हैं फिलहाल ओपीडी को वही मैनेज कर रहे हैं निवासी डॉक्टर भी अपनी आपातकालीन सेवाओं को देने के लिए मौजूद थे। सोमवार से इस पर अच्छा खासा असर पड़ सकता है और मेडिकल स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं ।
गुरुवार को उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने वादा किया था की स्पेशल कैबिनेट मीटिंग रविवार यानी 25 फरवरी को बुलाई जा रही है और उनकी डिमांड को पूरा करने वह बेहतर हॉस्टल सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर सहमति दी जाएगी ऐसा उन्होंने कहा है।
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