पूर्व लोकसभा अध्यक्ष, महाराष्ट्र के सी एम मनोहर जोशी का निधन, राज्य में शोक की लहर
1995 से 1999 तक अविभाजित शिवसेना पक्ष के पहले नेता जिन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मुख्यमंत्री पद संभाला, ऐसे दिग्गज शिवसैनिक वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी का आज तड़के सुबह 3 बजे के करीब हृदयाघात के चलते निधन हो गया है।
२१ फरवरी को तबियत ज्यादा बिगड़ने कर उन्हे तुरंत हिंदुजा अस्पताल ले जाया गया था। दो दिनों तक ICU में रहने के दौरान उन्हें बेहतर सुविधा दी गई लेकिन आज तड़के ३ बजे आखिरकार उन्होंने आखिरी सांस ले ली। उन्हे पिछले वर्ष भी हिंदुजा अस्पताल में ब्रेन हेमरेज की शिकायत के चलते भर्ती होना पड़ा था। उनका हाल जानने के लिए उद्धव ठाकरे अपने परिवार सहित हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे।
मनोहर जोशी के बेटे उमेश जोशी के अनुसार उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन हेतु माटुंगा स्थित निवास पर रखा गया है।
मनोहर जोशी ८६ वर्ष के थे ।आज उनके पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शिवाजी पार्क स्थित शमशान भूमि में राजकीय सम्मान के साथ संपन्न किया जाएगा।
जोशी २००२ से २००४ के बीच अटल बिहारी वाजपेई सरकार में लोकसभा अध्यक्ष भी रहे। वह पूर्व में १९७६ के समय मुंबई के महापौर पद को भी सुशोभित कर चुके थे। ७० के दशक में वह शिवसेना से ही विधान परिषद सदस्य भी बने थे। ६ साल का राज्यसभा का कार्यकाल भी पूरा किया था और मध्य मुंबई क्षेत्र से वह लोकसभा सदस्य भी निर्वाचित हुए थे।
बालासाहेब ठाकरे के बेहद करीबी नेताओं एवम शिवसेना के प्रमुख स्तंभ नेताओं में से एक मनोहर जोशी को माना जाता रहा है। कहा यह भी जाता है कि बालासाहेब महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले मनोहर जोशी से सलाह जरूर लेते थे।
शुरुआत में वह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े रहे और बाद में शिवसेना ज्वाइन कर राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी।
मनोहर जोशी का निधन भारतीय राजनीति में एक युग के अंत के समकक्ष है।
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