भुजबल राणे मराठा कोटा के राज्य सरकार के फैसले से नाराज/ ओबीसी समाज होगा प्रभावित, लोकसभा चुनाव में अहमियत है ओबीसी समाज की/नारायण राणे आज करेंगे प्रेस कांफ्रेंस
(फाइल फोटो: नारायण राणे, छगन भुजबल)
केंद्रीय भाजपा मंत्री नारायण राणे खुलकर राज्य सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं और आज प्रेस कांफ्रेंस भी करने जा रहे है जहां वह अपनी असहमति का कारण भी बताएंगे।
वहीं राज्य की तिपहिया सरकार में शामिल राकांपा के वरिष्ठ लीडर छगन भुजबल ने पहले ही चेताया है कि ओबीसी समाज के आरक्षण में सेंध लगी तो राजनीतिक परिणाम पर प्रभाव जरूर पड़ेगा।
भुजबल ने कहा कि लोकसभा चुनाव सामने है और ओबीसी समाज भी अहमियत रखता है। एक ओर मुख्य मंत्री कहते हैं कि ओबीसी समाज के आरक्षण पर इससे कोई फर्क नही पड़ेगा जबकि लाखों मराठा समाज के लोगों को ओबीसी समाज के कोटे से आरक्षण दिया जायेगा तो वास्तविक ओबीसी समाज को इस दायरे से बाहर निकालने जैसा ही यह कदम है और इसका सीधा प्रभाव निश्चित रूप से पड़ सकता है। राज्य सरकार ने मराठा मोर्चा में शामिल हजारों लोगों के अनिश्चित कालीन हड़ताल के भय से उनकी मांगों को मान लिया है ,यह उचित नहीं है।
भुजबल ने कह दिया कि ओबीसी समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, नेताओं, समाज सेवको से इस मुद्दे पर बातचीत होगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी, ओबीसी समाज को संगठित कर इस पर प्रतिक्रिया देना जरूरी है।
मुख्यमंत्री शिंदे ने सभी समाज के लोगों से अपील की है कि विभिन्न समाज के लोगों को आपस में न भड़काएं। ओबीसी कोटे पर इसका असर नही होगा, जिसके तहत मराठा समाज को आरक्षण दिया जा रहा है।
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