मनोज जरंगे पाटिल को एपी एम सी मार्केट वाशी अतिथि गृह में मिले सरकारी अधिकारी ,सौंपा आरक्षण संबंधी राजपत्र/ पाटिल के 6 महीने के आंदोलन को मिली सफलता/ सभी एफआईआर निरस्त नहीं हो सकते: देवेंद्र फडणवीस
मराठा मोर्चा के अध्यक्ष मनोज जरंगे पाटिल की जालना से हुई मोर्चे की शुरुआत को 6 महीने हो चुके हैं। कल वह नवी मुंबई के वाशी अपने सैकड़ो हजारों समर्थकों के साथ पहुंच गए थे ।वाशी के एपीएमसी मार्केट के गेस्ट हाउस में वह ठहरे हुए थे और मध्य रात्रि तक मंत्रालय में महाराष्ट्र के मंत्रियों की चर्चा होती रही।
आखिरकार 26 जनवरी की मध्य रात्रि तक मंत्री दीपक केसरकर और मंगल प्रभात लोढ़ा के द्वारा फाइनल कर राजपत्र अधिकारियों को दिया गया और अधिकारी तड़के ही मनोज पाटिल से मिलकर वह राजपत्र सौंप दिए। राजपत्र के अनुसार मनोज जरांगे पाटिल की मराठा समाज के आरक्षण से संबंधित कई सारी मांगों को सरकार ने मान लिया है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मनोज पाटिल की फोन पर बात भी कराई गई और इस आंदोलन को समाप्त करने के लिए एकनाथ शिंदे ने ही जूस पानी पिलाकर पाटिल से आंदोलन तुड़वाया है।
54 लाख मराठा लोगों के लिए अध्यादेश जारी किया गया है ।पाटिल ने कहा कि इससे लगभग 2 करोड़ मराठा समाज के लोगों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह आंदोलन पिछले 6 महीने से ओबीसी वर्ग के अंतर्गत मराठा समाज के कुनबी वर्ग के लोगों को आरक्षण के लिए किया जा रहा था।
पाटिल ने यह भी कहा कि मराठा आंदोलन के दरमियान जहां-जहां पुलिस स्टेशनों में आंदोलनकारी के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज कराई गई थी उसे राज्य सरकार वापस ले इस पर राज्य सरकार ने यह भी मान्य कर लिया है।
राज्य के गृह मंत्री एवं उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उन्होंने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है कि मराठा आंदोलन से जुड़े हुए सभी आंदोलनकारी के विरोध में जो जो जहां प्राथमिक की दर्ज कराई गई थी वह वापस ले लिए जाएं, लेकिन सभी वापस नहीं हो सकते।
कई जगहों पर बसें चलाई गई थी, सरकारी जगह सरकारी मालमत्ता को नुकसान पहुंचाया गया था। घर जलाए गए थे और ऐसे मामले जब तक न्यायालय के द्वारा किसी निर्णय तक नहीं पहुंचते तब तक राज्य सरकार के अधिकार में नहीं है कि उन्हें निरस्त किया जाए।
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