न ओटीपी दिया, न ही पासवर्ड फिर भी खाते से ३ लाख उड़े, पवई पुलिस कर रही छानबीन
साइबर क्राइम को लेकर रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने जागो ग्राहक जागो के नाम से बहुत सारे अभियान चला रखे हैं । अमिताभ बच्चन से लेकर कई सितारे भी लोगों को आर्थिक लेनदेन से संबंधित बहुत सारे नियमों को बताने वाले प्रचार में मेहनत करते हुए दिखाई दे रहे हैं, बावजूद इसके साइबर क्राइम रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
ताजा घटना में 20 साल की एक महिला के खाते से ₹3 लाख साइबर फ्रॉड के अंतर्गत उड़ गए ।यह 20 वर्षीय महिला हीरानंदानी पवई स्थित एक अमेरिकी कंपनी में जूनियर प्रोसेस एनालिस्ट के रूप में कार्यरत है ।19 दिसंबर को उसे जब यह पता चला कि उसके इंस्टाग्राम एप पर कई मैसेज एक के बाद एक प्राप्त हुए हैं। पहले तो उसे लगा कि यह किसी अनजान व्यक्ति के मैसेजेस हैं जिसने उसे चंदर पंडित के नाम से बताया। पहले तो लड़की ने इन मैसेजों को इग्नोर किया लेकिन उनमें से किसी एक मैसेज में उसने अपना ईमेल आईडी भी लिखा पाया जिसमें लिखा था कि यदि वह लड़की अपने फंड वापस चाहती है तो ₹5 लाख का प्रीपेड रिचार्ज करना पड़ेगा। इस संदेश के तुरंत बाद उसने अपने दोनों बैंकों के मोबाइल एप्लीकेशन खोलें और स्टेटमेंट चेक करने लगी।
लड़की को पता चला कि उसके एचडीएफसी बैंक अकाउंट से एसबीआई के बैंक अकाउंट में १.६ लाख रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इसके तुरंत बात ही उसने स्टेट बैंक आफ इंडिया के बैंक खाता के स्टेटमेंट को जब चेक किया तो पता चला कि एसबीआई के खाते से कई ट्रांजैक्शन हुए हैं जिसमें १०००, ३०००, ५००० और 65000 के राशि यूपीआई के माध्यम से डेबिट किए गए हैं जबकि ₹2 लाख का अमाउंट आईएमपीएस के जरिए डेबिट हो चुके हैं।
घटना की पूरी जानकारी लड़की ने पवई पुलिस को दिया और यह भी दावे के साथ कहा है कि ना तो उसने किसी तरह का पासवर्ड किसी के साथ शेयर किया है ना ही कोई ओटीपी दिया है ताकि उसके बैंक खाता तक कोई भी पहुंच सके। बावजूद इसके खाते से ३ लाख रुपए उड़ गए हैं। अंधेरी एमआईडीसी ने मामला दर्ज किया जिसके क्षेत्र में महिला रहती है और बार में एमआईडीसी ने पवई पुलिस को यह मामला ट्रांसफर किया है जिस क्षेत्र में पीड़ित लड़की काम करती है।
पवई पोलिस मामले की जांच में जुटी है।
No comments
Post a Comment