लोकायुक्त विधेयक दोनो सदनो में पास करने वाला पहला राज्य बना महाराष्ट्र/ राज्य का पूरा मंत्रिमंडल अब लोकपाल के दायरे में
गत शुक्रवार को महाराष्ट्र शासन के उच्च सदन विधान परिषद में लोकायुक्त विधेयक 2022 बहुमत से पारित कर दिया गया है।
आपको बताते चलें कि लोकायुक्त विधेयक 2022 पिछले वर्ष 26 दिसंबर 2022 शीतकालीन सत्र में विधानसभा में पास कर दिया गया था, लेकिन कुछ विधायको द्वारा आपत्ति जताने के बाद विधान परिषद में यह पास नहीं हो सका था जिसके बाद विधेयक को संयुक्त समिति के पास भेजा गया था।
लोकायुक्त विधेयक को उद्योग मंत्री उदय सामंत ने सदन में पेश किया। महाराष्ट्र इसी के साथ लोकायुक्त विधेयक पारित करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है ।इसके दायरे में मुख्यमंत्री और उनका पूरा मंत्रिमंडल भी आता है।
विधेयक के मुताबिक लोकायुक्त को मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री एवं राज्य कैबिनेट मंत्रियों के खिलाफ किसी भी तरह के आरोप मिलने पर उसकी जांच शुरू करने के अधिकार मिल गए हैं ।हालांकि इसके लिए विधानसभा अध्यक्ष की मंजूरी लेनी होगी ,इसके लिए सदन में प्रस्ताव लाना होगा , विधेयक के अनुसार विधानसभा में इस तरह का प्रस्ताव लाने पर कुल सदस्यों की संख्या के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों द्वारा उसे पारित करना होगा।
आंतरिक सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था से संबंधित किसी भी तरह के मामले पर मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप यदि लगाए जाते हैं तो ऐसे मामलों की जांच लोकायुक्त नहीं करेंगे। इस विधेयक में यह भी कहा गया है कि किसी भी तरह की जांच को गुप्त रखा जाएगा ,यदि लोकायुक्त को अपनी जांच के बाद यह पता चलता है कि जो शिकायत दी गई है वह कैंसिल करने के योग्य है तो किसी भी तरह के जांच के रिकॉर्ड प्रकाशित भी नहीं किए जाएंगे और किसी को इस जानकारी को उपलब्ध नहीं कराया जाएगा।
लोकायुक्त में एक अध्यक्ष होगा जो उच्च न्यायालय का पूर्व या वर्तमान मुख्य न्यायाधीश होगा, अथवा बंबई उच्च न्यायालय का न्यायाधीश होगा। इसके अतिरिक्त कुल आठ सदस्य लोकायुक्त में होंगे और उसके ५० प्रतिशत लोग न्यायिक सेवा से ही होंगे।
लोकायुक्त विधेयक में यह भी प्रावधान दिया गया है कि किसी भी तरह के आरोप में मुख्यमंत्री या राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्रियों या निर्वाचित प्रतिनिधियों विधायकों के खिलाफ मुकदमा की शिकायत किस तारीख को मिलती है वहां से 1 साल के अंदर जांच प्रक्रिया पूरी होनी जरूरी होगी।
लोकायुक्त विधेयक पास होने से पहले ड्राफ्ट को लेकर सभी विधायको, मंत्रियों के साथ, समाजसेवी संस्थाओं, अन्ना हजारे समाज सेवी एवम उनकी टीम के साथ काफी चर्चा हुई और अंततः अब इसे पास कर दिया गया है।
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