नवनिर्वाचित कुश्ती संघ अध्यक्ष संजय सिंह बर्खास्त, पूरा मंडल ही सस्पेंड/ अंडर 19, अंडर 15 के पहलवानों के लिए स्पर्धा गोंडा में करने का लिया था फैसला
पूर्व कुश्ती संघ प्रमुख एवं भाजपा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के सहते संजय सिंह को वैलेट पेपर के माध्यम से हुए चुनाव में सफलता जरूर मिली और उन्हें भारतीय कुश्ती संघ का अध्यक्ष तो बनाया ही गया लेकिन ठीक उसके बाद संजय सिंह ने या फैसला लिया कि अंदर-19 और अंदर 15 कुश्ती प्रतियोगिता का आयोजन गोंडा के नंदिनी नगर में किया जाएगा।
आपको बता दे गोंडा का यह क्षेत्र बृजभूषण शरण सिंह के क्षेत्र में आता है। इस फैसले के बाद खेल मंत्रालय जो कि अनुराग ठाकुर के अंतर्गत है ने संजय सिंह समय पूरी नई बॉडी को ही सस्पेंड कर दिया है।
इससे पहले यह भी बताते चलें कि संजय सिंह के अध्यक्ष चुने जाने के बाद बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक जैसे पहलवानों ने अपना राष्ट्रीय पदक भी सरकार को लौटा दिया।
पूरे घटनाक्रम पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अब उनका कुश्ती संघ से कोई लेना-देना नहीं है। मैने 12साल कुश्ती संघ के लिए काम किया, अच्छा किया या बुरा किया यह तो समय ही तय करेगा लेकिन मैने अब कुश्ती से सन्यास ले लिया है।
अब इस पर जो भी फैसला लेना है, सरकार से बात करनी है , इन सभी विषय पर फैसला फेडरेशन के चुने हुए लोग ही लेंगे। लोकसभा का चुनाव आ रहा है, इसके अलावा भी मेरे पास कई काम हैं।
बृजभूषण शरण सिंह पर कुश्ती महिला पहलवानों ने यौन शोषण का आरोप लगाया था जिसके बाद उन्हें कुश्ती संघ अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
संजय सिंह ने बयान दिया है कि वह यात्रा पर थे और अभी तक उन्हें चिट्ठी पढ़ने का समय नहीं मिल पाया है वह पहले पूरी चिट्ठी पढ़ेंगे और उसके बाद ही कोई टिप्पणी करेंगे।
संजय सिंह के सस्पेंड किए जाने के बाद बजरंग पुनिया जिन्होंने हाल ही में अपना पद्मश्री सम्मान सरकार को वापस लौटाया था ने खुशी जाहिर की है।
पूनिया ने कहा कि खेल मंत्रालय ने और भारत सरकार ने जो फैसला लिया है वह बिल्कुल ही उचित है हमारी बहन बेटियों के साथ अत्याचार हुआ है । उसके लिए ऐसे लोगों को कुश्ती फेडरेशन से हटा दिया जाना चाहिए।
वही कुश्ती चैंपियन विनेश फौगाट ने कहा है जो भी हुआ है अच्छा हुआ है। हम चाहते हैं कि इस पद पर किसी महिला को बैठाया जाए ताकि समाज में भी संदेश जाए कि महिलाएं आगे बढ़ रही हैं जो भी हो अच्छे व्यक्ति को ही इस पद पर लाया जाना चाहिए।
साक्षी मलिक ,कुश्ती पहलवान ने कहा कि उनकी लड़ाई सिर्फ एक व्यक्ति विशेष से रही है। न उनकी लड़ाई पहले सरकार से थी और न ही आगे रहेगी। हमारी लड़ाई महिलाओं के लिए है, फेडरेशन में मौजूद महिला रेसलर के लिए है।
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