0 देवरिया हत्याकांड: जमीन विवाद को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य को जान से मारा तो उकसाई भीड़ ने दूसरे पक्ष में पति, पत्नी, बेटी, बेटा सबको उतारा मौत के घाट/ परिसर में हड़कंप, पुलिस बल तैनात - Khabre Mumbai

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देवरिया हत्याकांड: जमीन विवाद को लेकर पूर्व जिला पंचायत सदस्य को जान से मारा तो उकसाई भीड़ ने दूसरे पक्ष में पति, पत्नी, बेटी, बेटा सबको उतारा मौत के घाट/ परिसर में हड़कंप, पुलिस बल तैनात

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में आज सुबह ६ लोगों की मार्मिक हत्या से पूरे प्रदेश में सनसनी फ़ैल गई है।

मामला खेती की जमीन विवाद से जुड़ा है।
रुद्रपुर, फतेहपुर के लेहड़ा टोला गांव में इस घटना से पूरे परिसर में जहां आईजी, आयुक्त, एसपी समेत सभी आला अधिकारियों की परेड हो रही है, वही मुख्यमंत्री योगी ने सख्त एवम त्वरित आदेश तदुपरान्त कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
झगड़ा दो पक्ष का ही था पर देखते देखते जातिगत हो गया , कई राउंड गोलियां चलीं, गाड़ियों में आग लगा दी गई।
क्या है विवादित मामले की पृष्ठभूमि
लेहड़ा टोला के सत्यप्रकाश दुबे के दरवाजे पर ही एक खेती की जमीन है जिस पर पास के ही  अभयपुरा टोला के ग्रामीण प्रेम यादव के बीच काफी समय से विवाद होता आया है।
आज सुबह प्रेम यादव एवम सत्य प्रकाश दुबे के बीच बहस हुई जिसके बाद प्रेम यादव को मार दिया गया। 
इसके जवाब में कुछ ही देर बाद क्रोधित भीड़ आ पहुंची और दुबे, उनकी पत्नी किरण, बेटी एक १० साल, बेटा १५ साल को मार डाला। ८ साल की बेटा घायल हो गया। प्रेम यादव पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी रहे हैं। उनकी हत्या का जिम्मेदार सत्यप्रकाश दुबे को माना गया और उसके प्रतिशोध में यादव परिवार एवम गांव वालों ने यह जघन्य कदम उठाया।

सत्य प्रकाश दुबे  व उनके पड़ोसी जब तक कुछ समझ पाते, इस भीड़ ने लाठी, डंडों, पत्थरों, बंदूक से हमला बोल दिया और पलक झपकते ही  घर में मौजूद पूरा  दूबे परिवार समाप्त हो गया।

सबसे पहले दुबे को भीड़ ने गोली मारी और फिर गला काट दिया। पत्नी को भी मार डाला। दो बच्चो को भी नही छोड़ा। ८ साल की बेटा अनमोल घायल अवस्था में किसी तरह बच गया।  वह हमले के वक्त देहरी के पीछे छिपा हुआ था, उस  पर भी धारदार हथियार से हमला किया गया।  उसे प्रशासनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां हालत अब स्थिर बताई जा रही है।
डी एम अखंड प्रताप सिंह, एसपी संकल्प शर्मा के साथ भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया है। 
डी एम एवम एसपी गांव वालों को समझा बुझाकर माहौल शांत करने में जुट गए हैं।
बताया जा रहा है कि जमीन का यह विवाद २०१४ से ही चल रहा था।
फतेहपुर के अभय टोला निवासी प्रेम यादव ने २०१४ में  साधु की यह जमीन को बैनामा करा लिया था। साधु लेहड़ा टोला के निवासी थे। साधु के भाई सत्य प्रकाश दुबे  ने इस पर  आपत्ति दाखिल की लेकिन रसूख के चलते प्रेम यादव ने जमीन का दाखिल खारिज करा लिया।
दूबे ने हार न मानी और कोर्ट पहुंच गए जहां मामला फिलहाल अब तक लंबित है।

 क्या हुआ आज सुबह
आज सुबह प्रेम यादव बाइक से खेत देखने गए थे जिसके बाद वह दुबे के घर पहुंचे और जमीन का मुद्दा छेड़ दिया। बहस बढ़ गई और दुबे की ओर से यादव की पिटाई कर दी गई और प्रेम यादव की मौत हो गई।
इसके बाद ही मामले ने तूल पकड़ लिया। जानकारी यह भी मिल रही है कि दूबे ने जमीन में धान की रोपाई भी की थी।

 दूबे की आर्थिक स्थिति कुछ खास ठीक नही थी। बड़ी बेटी निशा की शादी कर चुके थे जबकि छोटी सलोनी विद्यालय में पढाती थी। बेटा देवेश लोगों के यहां पूजा पाठ कराता था।  सलोनी, नंदिनी ,बेटा गांधी, देवेश सभी हाथ जोडकर, पैर पकड़कर माता पिता की जान छोड़ने की मिन्नते करते रहे पर भीड़ का दिल नहीं पसीजा ।माता पिता के अलावा बच्चो को भी मार डाला गया।
योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि किसी भी आरोपी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।





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