१३ मराठा प्रतिनिधियों से मिले सीएम शिंदे एवम डिप्टी सीएम फडणवीस/ धनगर समाज की भी फिर से आरक्षण की मांग को लेकर उतरने की तैयारी/ मंत्री राधा कृष्ण पर फेंकी हल्दी पावडर
मराठवाड़ा से मराठा नेता मनोज जरंगे पाटिल ,४० वर्षीय ने जहां एक ओर जालना में अनिश्चित कालीन हड़ताल कर सरकार को शनिवार तक का अल्टिमेटम दिया है, और चेतावनी दी है कि यदि मराठवाड़ा के सभी ८ क्षेत्रों के मराठा कुनबी समाज में शामिल नहीं किए जाते तो वह कल रविवार से पानी पीना बंद कर देंगे, सलाइन लगवाना भी बंद कर देंगे।
शिवसेना लीडर अर्जुन खोतकर समेत १३ प्रतिनिधियों से कल सहयाद्रि अतिथि गृह में सीएम शिंदे और डिप्टी सी एम फडणवीस ने देर रात मुलाकात की है।
बुधवार को राज्य सरकार ने कहा था कि जो मराठा कुनबी समाज के लिए इच्छित दस्तावेज देंगे ,उन्हे शामिल किया जाएगा। पाटिल का कहना है कि मराठवाड़ा के सभी मराठा लोगों को कुनबी समाज में शामिल किए जाएं और उन्हें ओबीसी की मान्यता देकर आरक्षण बहाल किया जाए। सरकार पाटिल को न्योता देकर बुलाकर बात करना चाहती थी लेकिन मनोज पाटिल ने स्वयं न आकर अपने प्रतिनिधियों को भेजा।
दरअसल तर्क यह है कि निजाम शासन में सभी ये मराठवाड़ा के लोग कुनबी समाज में आते थे और उन्हें ओबीसी के तहत माना जाता रहा।
क्या है धनगर समाज का रुख?
अब आरक्षण की लड़ाई में धनगर समाज भी अपनी लड़ाई फिर तेज करने की तैयारी में है।
सोलापुर के सरकारी राजकीय अतिथि गृह में धनगर समाज ने अपने को मौजूदा NT से ST वर्ग में शामिल करने के लिए मंत्री राधा कृष्ण विखे पाटिल से मुलाकात की और समाज के प्रतिनिधि शेखर ने हल्दी पाउडर मुंह पर फेंक दिया।
हालांकि इंटरव्यू के दौरान मीडिया से मंत्री पाटिल ने कहा कि पोलिस उन पर कोई कार्रवाई न करे ऐसा निर्देश दिया गया है।
धनगर समाज का कहना है कि NT में होने के कारण उन्हे ३.५ प्रतिशत आरक्षण सरकारी नौकरी, शिक्षा में मिल रहा है, जबकि उन्हे ST में शामिल किए जाने से ७ प्रतिशत आरक्षण मिल सकता है।
धनगर समाज के लीडरों का कहना है कि यदि उनकी मांग पूरी नहीं की जाती तो मंत्रियों के चेहरे काले करने से वह पीछे नहीं हटेंगे।
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