0 मानसून सत्र में कल मनपा अस्पतालो एवम ट्रस्ट संचालित अस्पतालों के मुद्दे पर मंत्री उदय सामंत का बड़ा बयान/ दवाओं की आपूर्ति, मनपा हॉस्पिटलों द्वारा दी जा रही सेवाओं की होगी जांच - Khabre Mumbai

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मानसून सत्र में कल मनपा अस्पतालो एवम ट्रस्ट संचालित अस्पतालों के मुद्दे पर मंत्री उदय सामंत का बड़ा बयान/ दवाओं की आपूर्ति, मनपा हॉस्पिटलों द्वारा दी जा रही सेवाओं की होगी जांच

कल मानसून सत्र के सेशन में उद्योग मंत्री उदय सामंत ने मुंबई में स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं को लेकर  कहा कि हमारे  स्वास्थ्य अधिकारी एक श्वेत पत्र लाएंगे जिसमें यह बताया जाएगा कि मुंबई मनपा द्वारा चलाए जा रहे अस्पतालों जिनमे बी वाई एल नायर अस्पताल, लोकमान्य तिलक सायन हॉस्पिटल, के ई एम अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों द्वारा मरीजों को दी जा रही  स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की समुचित जानकारी दी जाएगी।


सामंत ने कहा कि शहर के बाहर से आनेवाले ग्रामीण लोगों के लिए मनपा अस्पताल सेवन स्टार अस्पताल से कम नहीं हैं, उन्हे पूरी जानकारी मिलनी चाहिए कि स्वास्थ्य संबंधी कितनी सुविधाएं ये अस्पताल देते हैं।

सामंत ने कहा कि बीते काफी समय से यह शिकायत रही है कि मनपा के सेंट्रल परचेज डिपार्टमेंट द्वारा दवाओ की आपूर्ति नहीं हो रही थी इसलिए मरीजों को मनपा अस्पतालों में कहा जा रहा है कि दवाएं, सिरिंज,  ग्लव्स,  सलाइन, मेडिसिन बाहर के मेडिकल स्टोर्स से खरीदें। इसकी जांच होनी जरूरी है कि आखिर कौन सी सेवाएं ये अस्पताल दे रहे हैं।
मनपा हर वर्ष ४००० करोड़ का बजट स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च करती है। इन अस्पतालों द्वारा मूलभूत सुविधाओं की अपेक्षा होती है। 

सामंत ने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि शहर के  बाहर से आनेवाले मरीजों के रिश्तेदारों को अस्पताल में रहने की सुविधा मिल सके।

CAG की  एक रिपोर्ट  " public healthcare infrastructure of health services in Maharashtra " के अनुसार मनपा द्वारा दवाओं की आपूर्ति के संबंध में कीमतों के निर्धारण कॉन्ट्रैक्ट में लगभग चार महीने से लेकर ३५ महीनो  तक की देरी की गई। तत्कालीन मनपा उपायुक्त ने स्वास्थ्य अधिकारियों, अस्पतालों के डीन के साथ मीटिंग लेकर निर्देशित किया था कि अस्पताल प्रशासन और अधिकारी सुनिश्चित करें कि दवाओं की आपूर्ति बाधित न हो।

नव नियुक्त मनपा अतिरिक्त आयुक्त डॉक्टर सुधाकर शिंदे भी CPD यानी सेंट्रल परचेज डिपार्टमेंट के साथ मीटिंग करनेवाले हैं।

सामंत ने कहा कि चैरिटेबल अस्पतालो में भी 20% बेड उन लोगों के लिए  आरक्षित होना चाहिए जो गरीबी रेखा के नीचे हैं या वह लोग जो  मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं का खर्च वहन नहीं कर सकते उनमें भी 10% फ्री कैटेगरी में होना चाहिए।  राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी।  कांग्रेस विधायक अमीन पटेल, भाजपा विधायक आशीष शेलर द्वारा स्वास्थ्य संबंधी अस्पताल द्वारा दी जानेवाली सुविधाओं पर एक अवलोकन प्रस्तुत किया था, इसी के जवाब में उदय सामंत ने उपरोक्त बयान विधानभवन में कल दिए हैं।

महाराष्ट्र में 1574 अस्पताल हैं जिनमे 1517 अस्पताल प्राइवेट हैं जबकि 57 अस्पताल राज्य सरकार के स्वामित्व में हैं।





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