विदेशी व्यापार विभाग ने लैपटॉप, टैबलेट, कम्प्यूटर के आयात पर लगाई रोक, तत्काल प्रभाव से पाबंदी जारी/ सुरक्षा कारणों एवम घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य
नई दिल्ली,
हालांकि बैगेज रूल्स के अंतर्गत यह प्रतिबंध प्रभावी नहीं होगा।
यह उन लोगों के लिए बुरी खबर है जो एप्पल, डेल, लेनेवो, सैमसंग , एसर और इसी तरह की अन्य आईटी क्षेत्र के हार्डवेयर कंपनियां अपने लैपटॉप और पर्सनल कंप्यूटर चीन और साउथ कोरिया में बनवा कर भारत में बेच रहे हैं। अब इन विदेशी कंपनियों की भारत में ही लोकल निर्माण को बढ़ावा देना पड़ेगा।
एप्पल, डेल, लेनेवो और सैमसंग जैसी कंपनियां अब भारत में ही लोकल निर्माण को लेकर गंभीर होंगी और चूंकि भारत कंज्यूमर दृष्टि से बहुत बड़ा राष्ट्र है इसलिए इन कंपनियों को अपने यहां पर प्लांट/ मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्रियां लगाने होंगे और यहां के लोगों को ही रोजगार देकर कंप्यूटर और लैपटॉप, टैबलेट बनवाने होंगे।
भारत सरकार के फॉरेन ट्रेड विभाग द्वारा सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए यह निर्णय कल ही लिया गया है। अब कंपनियों को जो यह IT के सामान यहां आयात करते थे, उनके लिए एक वैध लाइसेंस जरूरी होगा और ३ अगस्त तक के दिए गए आयात ऑर्डर ही मान्य होंगे।
इसके अलावा इस प्रतिबंधात्मक निर्णय से भारत में ही IT क्षेत्र को बल मिलेगा और आईटी निर्माण क्षेत्र में बड़े रोजगार के अवसर खुलेंगे। बताते चलें कि IT क्षेत्र के लिए भी केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत वित्त मंत्रालय ने PLI( performance linked incentive ) योजना में समावेश किया है। लोकल निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से PLI योजना मददगार होगी।
अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि यह चीन की अर्थव्यवस्था पर सीधा प्रहार हो सकता है क्यों कि पिछले वित्तीय वर्ष २०२३ में भारत द्वारा ५.३३ बिलियन मूल्य के कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रोसेसर, टैबलेट इत्यादि का लगभग ७५% हिस्सा पड़ोसी देशों से आयात किया गया था।
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