0 रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं; एमपीसी मीटिंग में बोले आरबीआई गवर्नर/ जनता को बड़ी राहत/ कर्ज दर नही होंगे और मंहगे/ मंहगाई दर को लेकर स्थिति चिंताजनक - Khabre Mumbai

Breaking News

रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं; एमपीसी मीटिंग में बोले आरबीआई गवर्नर/ जनता को बड़ी राहत/ कर्ज दर नही होंगे और मंहगे/ मंहगाई दर को लेकर स्थिति चिंताजनक

८ से १० अगस्त तक चली तीन दिवसीय मॉनिटरी पॉलिसी मीटिंग के आज अंतिम दिन सुबह १० बजे रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बैंक दरों में कोई भी बदलाव नही होने की घोषणा की।

रेपो रेट पूर्ववत ६.५% ही रहेंगे। रेपो रेट वह दर है जिसके तहत रिजर्व बैंक ,अन्य सरकारी एवम निजी बैंकों को कर्ज देता है।
बैंक लैंडिंग रेट 7.5% ही रहेंगे।

खाद्य महंगाई दर  में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। टमाटर के 200 रुपए प्रति किलो पहुंचने के बाद प्याज के दाम भी 100 रुपए किलो तक अगस्त अंत में जाने के आसार तेज नजर आ रहे हैं। अन्य कई मसालों के भाव भी काफी अधिक हैं। तेलों  में भी दर उच्च स्तर पर है। महंगाई दर 6% के ऊपर आने वाले समय में देखा जा सकता है, जिस पर आरबीआई ने भी चिंता जताई है।  पिछले माह की महंगाई दर 4.81% रिकॉर्ड की गई थी। आरबीआई ने इस वित्त वर्ष में महंगाई दर के 5.1% से बढ़कर 5.4% तक रहने का अनुमान जताया है । सरकार का लक्ष्य है कि महंगाई दर 6% के अंदर ही रहे। 

ऐसा पिछले छह महीने में तीसरी बार हो रहा है जब रिजर्व बैंक ने रेपो रेट नही बढ़ाया है। रीयल जीडीपी ग्रोथ के 6.5% रहने के आसार है।

घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी के बारे में अनुमान है की पहली तिमाही( अप्रैल से जून ) तक ८% , दूसरी तिमाही ( जुलाई से सितंबर) तक ६.५%, तीसरी तिमाही में ( अक्टूबर से दिसंबर ) ६%, चौथी एवम आखिरी तिमाही ( जनवरी से मार्च २०२४) में ५.७% तक रह सकते हैं।

आपको बता दें की पिछले वित्तीय वर्ष 2022-23 में अप्रैल की एमपीसी मीटिंग में रेपो दर 4% रखी गई थी जो कि बहुत ही न्यूनतम था। उस समय होम लोन 6.4% तक में मिल रहा था।
इसके बाद 2/3 मई 2022 में आपातकालीन मीटिंग बुलाकर आरबीआई ने रेपो रेट में 40 पैसे की बढ़ोतरी करते हुए 4.40% कर दिया था।

जनता को राहत
 जनता के लिए राहत यह है कि रेपो रेट के न बढ़ने से बैंक भी ब्याज दर नही बढ़ाएंगे। यानी कर्ज के दर महंगे नहीं होंगे। यह दर पूर्ववत जारी रहेंगे। 
 
उल्लेख कर दें कि जब रेपो रेट बढ़ेगा तब बैंक को आरबीआई द्वारा महंगे दर पर कर्ज उपलब्ध होगा और बैंक ऐसी स्थिति में ग्राहकों को ब्याज  दर बढ़ाकर कर्ज देते हैं। व्यापार या वैयक्तिक दोनो तरह के कर्ज के ब्याज दर पर रेपो रेट का प्रत्यक्ष असर पड़ता है।

आगे क्या बढ़ेगा रेपो रेट?

विश्लेष्को की माने तो आगामी फरवरी २०२४ तक रेपो रेट नही बढ़ने की ही संभावना है। कइयों का यह भी मानना है कि जब अमेरिका में fed की तरफ से रेट बढ़ाए जाएंगे तो उसका असर हमारे यहां आरबीआई द्वारा देखने को मिल सकता है।
फिलहाल महंगाई दर को नियंत्रित रखने के लिहाज से रेपो रेट में बदलाव नही किया जा रहा है।





No comments