0 समृद्धि महामार्ग पर 35 मीटर ऊंचाई से गर्डर लॉन्चर गिरा, 13 मजदूर, 2 इंजीनियर, सिंगापुर की कंपनी के पांच स्टाफ समेत 20 की मौत/ जांच जारी - Khabre Mumbai

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समृद्धि महामार्ग पर 35 मीटर ऊंचाई से गर्डर लॉन्चर गिरा, 13 मजदूर, 2 इंजीनियर, सिंगापुर की कंपनी के पांच स्टाफ समेत 20 की मौत/ जांच जारी

नागपुर से मुंबई जाने के लिए 700 किलोमीटर लंबी समृद्धि महामार्ग पर सोमवार की रात एक और घटना घट गई जिसमें 700 मेट्रिक टन वजन वाले गर्डर लांचर के समृद्धि महामार्ग पर 35 मीटर की ऊंचाई से टूट कर गिर जाने के चलते 20 लोगों की मौत हो गई।  मरनेवालों में  13 मजदूर थे  जो वहांकाम करते थे ,2 इंजीनियर भी थे और सिंगापुर हेड क्वार्टर वाली प्राइवेट कंपनी के 5 एम्प्लॉयि भी थे । यह घटना ठाणे जिले के अंतर्गत शाहपुर तालुका के सरलंबे गांव में घटित हुई।


आपको बता दें कि इस 700 किलोमीटर के समृद्धि महामार्ग में से 600 किलोमीटर तक की नागपुर से लेकर शिरडी तक का महामार्ग ऑलरेडी ऑपरेशनल है। सिर्फ 100 किलोमीटर की दूरी नासिक से शहापुर से ठाणे तक जोड़े जाने का कार्य प्रगति पर है । महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के अनुसार यह घटना सोमवार की रात 11:30 बजे घटी है।

स्पॉट पर वी एस एल इंडिया लिमिटेड के 28 लोग मौजूद थे और अगले दिन  के काम करने की प्लानिंग कर रहे थे। VSL इंडिया लिमिटेड सबकॉन्ट्रैक्टर है जिसे नवयुग इंजीनियरिंग कंपनी लिमिटेड ने  काम करने का ठेका दिया हुआ है। VSL इंडिया लिमिटेड सिंगापुर हेडक्वार्टर  वाली  कंपनी है।
निकट के खोताड़ी गांव के लोगों ने गर्डर टूटने की आवाज सुनी और तुरंत स्पॉट पर पहुंचे।  यह ऑटोमैटिक गर्डर लॉन्चर पहले ही 98 स्पेन पूर्ण कर चुका था। कुल 114 स्पेन इस पूरे 700 किमी के महामार्ग में हैं। दुर्भाग्यवश 15 वीं और 16 वीं पीयर्स से  टूटते हुए  यह गर्डर नीचे आ गिरा।

जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ टीम की दो टुकड़ी के 60 लोग पहुंचे और बचाव राहत कार्य शुरू किया गया। 17 लोगों को निकाला गया। टूटे फूटे स्टील, टूटे हुए कंक्रीट गर्डर के चलते राहत कार्य में बड़ी मुश्किल हो रही थी। एनडीआरएफ ने स्कैनिंग तकनीक का भी उपयोग किया जिससे बचे हुए लोगों को निकाला जा सके पर कुछ खास सफलता नही मिली।कॉन्ट्रैक्टर ने बताया कि 17 लोग मिले हैं तो अब भी 3 लोग लापता हैं। देर रात 2.30 के लगभग भारी भरकम गैस कटर का उपयोग कर स्टील के ढेर को काट काट कर हटाया गया तब जाकर 4.30 बजे सुबह के लगभग 3 मजदूरों की बॉडी को निकाला जा सका।
20 लोगों में से 15 के रिश्तेदार भी शाहपुर अस्पताल पहुंचे जबकि पांच अन्य को एंबुलेंस के जरिए उनके राज्यों में भेजा गया।

राज्य कैबिनेट मंत्री रविंद्र चव्हाण, दादा भुसे, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौके पर पहुंचे थे। VSL इंडिया लिमिटेड ने मृतक के परिजनों को 5 लाख के आर्थिक मदद दिए जाने का ऐलान किया है।

राज्य सरकार द्वारा पांच लाख, केंद्र सरकार द्वारा 2 लाख, 50 हजार घायलों के उपचार के लिए मदद दी जाएगी।

आईपीसी की धारा 304 के तहत कांट्रेक्टर के खिपाफ मुकदमा भी दर्ज हुआ है।रिश्तेदारों द्वारा सड़क पर आंदोलन के बाद VSL इंडिया ने सारा खर्च उठाने की बात कही है।

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