शिवसेना के सायन से पूर्व नगरसेवक व विभागप्रमुख सातमकर शिंदे पक्ष में हुए शामिल/ मुख्यमंत्री की मौजूदगी में लिया प्रवेश
सायन, मुंबई
पक्ष प्रवेश के बाद मीडिया ब्रीफिंग करते समय (सातमकर मंगेश, एकनाथ शिंदे)
सायन कोलीवाडा विधानसभा से शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे के पूर्व नगरसेवक एवम विभागप्रमूख मंगेश श्रीधर सातमकर ने आज नरीमन प्वाइंट स्थित बालासाहेब भवन में मुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में प्रवेश लिया है।
सातमकर प्रतीक्षा नगर क्षेत्र से लगातार कई बार नगरसेवक रहे हैं। महिला वार्ड होने के बाद उनके ही नाम पर तत्कालीन शाखाप्रमुख प्रकाश वाघधरे की पत्नी भी आसानी से नगरसेविका चुनी गईं थीं।
सातमकर ने मुंबई मनपा की वार्ड संरचना बदलाव के बाद वार्ड १७५ सायन कोलीवाडा नए वार्ड से चुनाव लड़ा लेकिन यहां भी उन्हे जीत मिली।
(मुख्यमंत्री शिंदे की मौजूदगी में शिवसेना पक्ष( शिंदे समूह) में प्रवेश करते हुए पूर्व नगरसेवक सायन कोलीवाडा से मंगेश सातमकर , बगल में हैं सायन से भाजपा एमएलसी विधायक प्रसाद लाड)
मंगेश सातमकर मुंबई मनपा में १९९४ से ही नगरसेवक रहे हैं और काम का अच्छा खासा अनुभव भी है ,क्षेत्र में लोकप्रिय लीडर भी हैं।
बीच में कुछ समय पहले महिला कार्यकर्ता द्वारा उन पर यौन शोषण का आरोप भी लगाया गया था जिस पर स्थानीय पुलिस टीम ने जांच भी शुरू की थी।
मंगेश सातमकर शिक्षण समिति के तीन बार अध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह MMRDA के भी सदस्य रहे हैं। वह मुंबई जिल्हा नियोजन समिति के भी सदस्य रह चुके हैं।
पिछले ३२ वर्षों से वह शिवसेना से जुड़े रहे हैं और कभी किसी दूसरी पार्टी में अपने इस लंबे राजनीतिक जीवन में प्रवेश नही किया। वह २०१९ के विधानसभा चुनाव में सायन कोलीवाडा से विधायकी भी लड़ चुके हैं। वह रनर अप उम्मीदवार रहे और भाजपा के दूसरी बार विधायक बने कैप्टन सेलवन से ३७३८ मतांतर से पराजित हुए थे।
क्या बोले सातमकर?
प्रवेश लेने के बाद मीडिया और लोगों से कहा कि अपने इतने लंबे करियर मे कभी उद्धव ठाकरे जी से मिलने का मौका नहीं मिला। उनकी छोड़िए , उनके नजदीकी वरिष्ठ पदाधिकारियों से भी नही मिल सका। जब कार्यकर्ता होने के नाते आप किसी समस्या में हों , किसी समस्या पर आपका मार्गदर्शन चाहिए तो ऐसे वक्त में सहजता से एकनाथ शिंदे जैसे नेता उपलब्ध होते हैं। मैं उनसे तीन बार मिल चुका हूं। उन्होंने खुद ही मुझसे विभिन्न कार्य विषय पर जानकारी ली है, मेरी समस्याओं के बारे में जाना है। एक सामान्य कार्यकर्ता से आसानी से मिलने वाले नेताओं में से वह एक हैं। इसीलिए मैंने आज उनके नेतृत्व में प्रवेश किया है।
उल्लेख कर दें कि मनपा में सभी नगरसेवको का कार्यकाल पिछले साल ७ मार्च से ही समाप्त हो चुका है और इस समय मुंबई मनपा आयुक्त ही मुंबई शहर में प्रशासक हैं। चुनाव हर बार टलते ही रहे हैं । अक्टूबर ,नवंबर तक मनपा चुनाव होने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे पहले उद्धव खेमे से कई नगरसेवक अपना पाला बदलकर शिंदे समूह में शामिल हुए हैं। ठाणे, कल्याण, डोंबिवली, नवी मुंबई और मुंबई के कई क्षेत्रों से कई पूर्व नगरसेवक, विभाग प्रमुख ,उपनेता उद्धव समूह को छोड़कर शिंदे समूह का दामन थामा है।
मंगेश सातमकर का शिंदे समूह में आना, उद्धव समूह के लिए बड़ी क्षति है क्यों कि वह सायन से दिग्गज नेता माने जाते हैं और आगामी मनपा चुनाव में उद्धव समूह के लिए यह क्षति महंगी पड़ सकती है।
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