0 महाराष्ट्र विधानमंडल में गूंजा श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड का मुद्दा ; लव जिहाद कानून ला सकती है राज्य सरकार ? - Khabre Mumbai

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महाराष्ट्र विधानमंडल में गूंजा श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड का मुद्दा ; लव जिहाद कानून ला सकती है राज्य सरकार ?


कल शीतकालीन सत्र में राकांपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मविआ सरकार  में उपमुख्यमंत्री रहे अजीत पवार ने कहा कि एक मुर्गे के भी ३५ टुकड़े करने से पहले १० बार लोग सोचते हैं, श्रद्धा वाल्कर हत्याकांड में जो तथ्य सामने आए वे वाकई भयावह हैं।

उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लव जिहाद पर कुछ राज्य सरकारों ने कानून बनाए हैं। केरल ने सबसे पहले लव जिहाद शब्द लाया और पहली घटना भी वहीं से आई थी।

किसी धर्म विशेष के खिलाफ नही, अंतर्जातीय विवाह के विरोध में नही , जरूरत पड़ी तो लव जिहाद कानून बनाया जायेगा....

फडणवीस ने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार किसी धर्म विशेष के विरोध में नही है लेकिन जिस तरह की घटनाएं पिछले कुछ समय में हुई हैं उससे ऐसा सिद्ध हो रहा है कि योजनाबद्ध तरीके से लड़कियों को गुमराह किया जाता है। विवाह कर एक डेढ़ साल तक तड़पाया जाता है, प्रताड़ित किया जाता है।
सिर्फ इसी राज्य में इसके खिलाफ ४० से ज्यादा मोर्चे निकले हैं।
जरूर पड़ती है तो लव जिहाद कानून जो  केरल समेत अन्य राज्यों ने बनाए हैं, उनका अध्ययन कर यहां भी लव जिहाद कानून बनाया जा सकता है।

अबू आजमी के बेतुके बयान...

सपा मुंबई अध्यक्ष अबू आजमी ने कहा कि लव जिहाद जैसी कोई चीज नही है, मसला प्रेम का है। हर लड़का,लड़की अपनी इच्छा से प्रेम एवम विवाह के लिए स्वतंत्र है। लव जिहाद कानून लाकर एक धर्म विशेष के लोगों को परेशान करने की कोशिश हो रही है।
अमरावती में मुसलमान डरे हुए हैं। 

समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकती थी श्रद्धा की जान; फडणवीस

सदन में उ. मु. फडणवीस ने कहा कि २३ नवंबर २०२० को श्रद्धा ने आफताब अमीन पूनावाला के खिलाफ शिकायत तुलिंज पुलिस में दर्ज कराई थी जिसमे उसे जान से मारने और टुकड़े टुकड़े करने की धमकी का जिक्र था। शिकायत १ महीने बाद श्रद्धा ने वापस ले ली थी। प्रथमतया ऐसा कोई मामला नहीं है जिसमे शिकायत वापस लेने की पीछे कोई राजनीतिक या अन्य दबाव बनाया हो । फिर भी हम इसकी जांच कर रहे हैं कि शिकायत वापस क्यों ली गई और तुलिंज पुलिस ने इस पर कार्रवाई क्यों नही की।

दूसरी ओर अजीत पवार ने कहा कि दिल्ली में पुलिस केंद्र सरकार के अधीन है ,इसलिए महाराष्ट्र सरकार केंद्र से समन्वय स्थापित कर इस मामले की जांच में तेजी लाए।


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