0 खड़गे के बेतुके बोल - भाजपा का एक कुत्ता भी भारत की आजादी में शहीद नही हुआ/ गोयल ने गिनाए कांग्रेस के शासन में देश को मिले नुकसान...क्या खड़गे को सच में इतिहास का ज्ञान नहीं? - Khabre Mumbai

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खड़गे के बेतुके बोल - भाजपा का एक कुत्ता भी भारत की आजादी में शहीद नही हुआ/ गोयल ने गिनाए कांग्रेस के शासन में देश को मिले नुकसान...क्या खड़गे को सच में इतिहास का ज्ञान नहीं?

देश की सबसे बूढ़ी पार्टी कांग्रेस के नव नियुक्त अध्यक्ष जो २७ साल बाद गैर गांधी परिवार से हैं ,कई मंत्री पद, सांसद, वरिष्ठ विभाग की महत्वपूर्ण कार्यों को संभाला है, मल्लिकार्जुन खड़गे का कल संसद में राज्य सभा में बेतुका बयान न केवल उनके पद को शोभा दे रहा है, बल्कि भाजपा समेत पूरे देश के लोग संसद भवन में ऐसे बचकाने बयानबाजी पर हंस रहे हैं।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता खड़गे ने कहा था कि देश की आजादी के समय कांग्रेस के कई नेताओं ने अपना बलिदान दिया। इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्री इस देश के लिए शहीद हो गए, भाजपा का कोई कुत्ता भी आजादी के लिए शहीद नही हुआ ।

हालांकि इस बयान के बाद संसद के उच्च सदन में जमकर हंगामा हुआ।  इस बयान के विरोध में सत्तासीन पक्ष के  सदन के नेता पीयूष गोयल ने जमकर भर्त्सना की और खड़गे से अपील की कि वह ऐसे अपमानजनक शब्दों के लिए भाजपा से और इस देश की १३५ करोड़ जनता से माफी मांगे। राज्यसभा के सभापति  माननीय उपराष्ट्रपति पीठासीन जगदीप धनखड़ बीच  बचाव करते नजर आए। धनखड़ ने दोनो नेताओं को शांत करने के लिए अपील की और कहा कि ऐसे बयानों को देश की १३५ करोड़ जनता देख रही है और हम सब पर हंस रही होगी।

खड़गे ने  माफी मांगने के बयान पर कहा कि जो नेता आजादी के वक्त उनके (ब्रिटिश) सामने माफी मांगते थे वह आज कह रहे हैं कि हम इनसे माफी मांगे, यह नहीं हो सकता।
आरोप प्रत्यारोप के बीच सदन के जीरो होवर question hour में भी सदन की कार्यवाही १५- १५ मिनट के लिए  स्थगित करनी पड़ी।

क्या वाकई भाजपा नेताओं का आजादी की लड़ाई से कोई संबंध नही...

आज की भाजपा और तत्कालीन भारतीय जनसंघ की स्थापना २१ अक्टूबर  १९५१ में हुई जिसके तहत देश भर के २०० नेताओं ने मिलकर अपना अध्यक्ष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को चुना था।
स्थापना के समय भारतीय जनसंघ ने आठ सूत्रीय कार्यक्रम को केंद्र बिंदु बनाया अगले कुछ दशकों तक उसी विचारधारा पर काम करती रही।
इनमे संयुक्त भारत, स्वतंत्र विदेशी नीति,  अधिक उत्पादन पर जोर और उद्योगों के विकेंद्रीयकरण को समर्थन,  एकल भारतीय सभ्यता को बढ़ावा और विकास ,  जाति, धर्म, वर्ण को ध्यान में न रखते हुए सभी को समान अधिकार , शोषित और पिछड़े वर्ग का विकास ,  पश्चिम बंगाल की सीमा का बिहार के साथ पुनर्नियोजन इत्यादि सूत्र रहे। उस समय जनसंघ का मुख्य कार्यालय दिल्ली स्थित अजमेरी गेट के निकट हुआ करता था।

जनसंघ के निर्माण में महती भूमिका निभानेवालो में RSS backed आर्गेनाइजर साप्ताहिक पत्रिका के संपादक K R मलकानी, आर्य समाज के प्रमुख नेता लाला हंसराज गुप्ता जैसे लोग थे। हंसराज १९७७ में दिल्ली के महापौर भी बने थे।
आर्गेनाइजर में छपे लेख ही आरएसएस की विचारधारा के मुख्य श्रोतों में से एक रहे।

श्यामा मुखर्जी आंदोलन कारी रहे, नेहरू कैबिनेट में रहे और बाद में भारत पाक मुद्दे पर नेहरू लियाकत अली खान समझौते के विरोध में त्यागपत्र दे दिए।

जनसंघ की स्थापना से पहले मुखर्जी की मीटिंग दूसरे सरसंघचालक गोवलकर के साथ भी हुई थी।

६० के दशक में आरएसएस प्रचारक दीन दयाल उपाध्याय द्वारा उद्घोषित इंटीग्रल ह्यूमैनिज्म यानी मानवीय एकात्मता का उद्घोष ही बाद में जनसंघ की आधिकारिक विचारधारा के रूप में उभरी।

नानाजी देशमुख पूर्वी सीमा के प्रमुख थे। पश्चिमी जोन सुंदर सिंह भंडारी के नेतृत्व में , दक्षिण जोन जगन्नाथराव जोशी, उत्तर के लिए बलराज मधोक जिम्मेदार थे।

मुखर्जी विनायक दामोदर सावरकर गठित हिंदू महासभा के प्रमुख नेता भी रहे।  वही सावरकर जिनकी देशभक्ति पर राहुल गांधी ने प्रेस कान्फ्रेंस के जरिए ब्रिटिश को लिखे खत दिखाते हुए माफीनामा की बात कही थी, जिसमे राहुल गांधी ने कहा था कि आदरणीय सावरकर ने खुद को ब्रिटिश शासन का सर्वेंट यानी नौकर कहा था। इस मुद्दे पर भी राहुल गांधी के प्रति राष्ट्रभर में विशेषकर महाराष्ट्र में  काफी आक्रोश हुआ था। यहां तक कि महावीकास आघाड़ी की प्रमुख शिवसेना ने भी राहुल के इस बयान पर आपत्ति जताई थी।

नानाजी देशमुख  , भारत रत्न(मरणोपरांत ) और महान rss प्रचारक रहे ,शिक्षा,स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास में अहम योगदान दिया।
दीनदयाल उपाध्याय १९४० में राष्ट्र धर्म समाचार पत्र में बतौर संपादक राष्ट्रीय एकात्मता पर लोगो को जागृत करते रहे।

इतिहास में जाएं तो कई नेता, अधिवक्ता, आंदोलनकारी हैं जिन्होंने शक्तिशाली राष्ट्र निर्माण में अमूल्य योगदान दिया और आरएसएस से जुड़े रहे।






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