0 महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे व परिवार पर बेनामी संपत्ति का आरोप, दादर की महिला ने दाखिल किया मुंबई हाई कोर्ट में PIL, 22 को हो सकती है सुनवाई - Khabre Mumbai

Breaking News

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे व परिवार पर बेनामी संपत्ति का आरोप, दादर की महिला ने दाखिल किया मुंबई हाई कोर्ट में PIL, 22 को हो सकती है सुनवाई

शिवसेना अध्यक्ष और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की मुश्किलें नही थम रही हैं।

पहले पार्टी में फूट, सत्ता पलट, पार्टी का दशकों पुराना चुनाव चिन्ह और नाम चुनाव आयोग द्वारा रद्द होना, नया नाम और नया सिंबल मिलना , कई वरिष्ठ नेताओं, पूर्व नगरसेवकों, विधायकों, सांसदो का मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे समूह में शामिल होना जैसे कई घटना क्रम इनमे शामिल हैं ।

ताजा मामले में दादर की स्थानीय महिला गौरी अजय भिड़े ,38 वर्षीय ने एक जनहित याचिका दायर की है जिसमे यह उल्लेख है की उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रश्मि ठाकरे, उनके पुत्र और पूर्व  सरकार में पर्यावरण मंत्री रहे आदित्य और उनके भाई तेजस इन सभी ने कभी कोई नौकरी, व्यवसाय, कारोबार का जिक्र कहीं नही किया है। बावजूद इसके सभी सदस्यों के नाम करोड़ों की बेनामी संपत्ति है।

महिला ने उल्लेख किया कि उसके पिता 78 वर्षीय प्रिंटिंग के काम काज में थे, ठीक वैसे ही जैसे उद्धव के पिता और शिवसेना संस्थापक बालासाहेब थे।
जब देश में आपातकाल का दौर आया तो उस समय भी कुछ प्रतियां हमारी प्रिंटिंग प्रेस में मार्मिक की प्रिंटिंग हुई थी। मार्मिक पत्रिका कभी ऑडिट ब्यूरो सर्कुलेशन द्वारा ऑडिट प्रक्रिया में नही रखी गई।

Lockdown के समय जब पूरी पेपर, अखबार, प्रिंट इंडस्ट्री घाटे में थी तब सामना अखबार ने 40 करोड़ से अधिक का व्यापारिक रेवेन्यू और 11करोड़ के लगभग मुनाफा भी दिखाया था।
बहुतों की माने, तो यह काला धन को सफेद करने की एक तरकीब थी।


महिला ने मुंबई पुलिस में इसकी शिकायत की है और उसके बाद मुंबई हाई कोर्ट में याचिका भी की हुई है।
घोषणापत्र में लिखा गया है की यह याचिका व्यक्तिगत फायदे के लिए नही किया गया है।

निवेदन किया गया है की मामले की जांच एजेंसियों सीबीआई, ईडी द्वारा निष्पक्ष जांच कराई जाए।
उल्लेख यह भी है कि मुंबई पुलिस को सब कुछ पता होने के बावजूद भारी राजनीतिक दबाव के चलते कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई।

न्यायमूर्ति एस जी दिघे  एवम एस वी गंगापूरवाला की पीठ ने कहा है कि इस याचिका पर 22 नवंबर से सुनवाई होगी। जांच एजेंसियां आरोपों की जांच शुरू करें और हर महीने इसकी रिपोर्ट जमा करें।

महिला ने कदाचित PIL के साथ एफिडेविट नही दिया है, ऐसा उद्धव ठाकरे की ओर से पेश हुए अधिवक्ता जोएल कार्लोस ने कहा जिस पर न्यायमूर्ति ने कहा है की 22 तारीख की सुनवाई से पहले सभी फॉर्मेलिटी पूरी की जाए तभी यह तय होगा की PIL की सुनवाई शुरू की जाएगी।


No comments