0 महाविकास आघाड़ी के आरोपों का देंगे जवाब: इसी महीने शिंदे सरकार ला रही है श्वेत पत्र; राज्य में आए निवेशों की देंगे जानकारी/ एमवीए ने कितना कॉरपोरेट निवेश कराया, इस पर भी बताएंगे.. - Khabre Mumbai

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महाविकास आघाड़ी के आरोपों का देंगे जवाब: इसी महीने शिंदे सरकार ला रही है श्वेत पत्र; राज्य में आए निवेशों की देंगे जानकारी/ एमवीए ने कितना कॉरपोरेट निवेश कराया, इस पर भी बताएंगे..

शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे पार्टी के  नेता  व पूर्व में एमवीए सरकार में पर्यावरण एवम पर्यटन मंत्री रहे आदित्य ठाकरे ने वर्तमान शिंदे फडणवीस सरकार पर आरोप लगाया कि वेदांता फॉक्सकॉन, टाटा एयर बस प्रोजेक्ट्स महाराष्ट्र में होनेवाले थे पर गुजरात चले गए, इसका कारण शिंदे सरकार है। 


महाराष्ट्र में उद्योग मंत्री उदय सामंत जो पहले एमवी ए सरकार में तकनीकी शिक्षा मंत्री थे , ने कहा है की शिंदे सरकार इसी महीने श्वेत पत्र ला रही है। इसमें पिछले कुछ वर्षों में राज्य में किन कॉरपोरेट कंपनियों, विदेशी कंपनियों के निवेश व प्रोजेक्ट आए, यह बताया जाएगा।

 वेदांता, टाटा एयर बस  प्रोजेक्ट, सैफ्रान इंजन मेकर (हैदराबाद में यह निवेश चला गया ) को महाराष्ट्र में लाने के लिए सरकार के मंत्रियों, समिति, उप समितियों द्वारा किए गए प्रयास, उन सभी कंपनियों द्वारा हुए बात चीत से संबंधित जानकारी,  कितना इंसेंटिव देने की बात हुई, इस पर भी जानकारी दी जाएगी।


सामंत ने  इसी मंगलवार यानी कल यह कहा है कि शिंदे सरकार इस पर भी जानकारी देगी कि पूर्व में पर्यावरण एवम पर्यटन मंत्री रहे आदित्य ठाकरे द्वारा किए गए दावोस ट्रिप पर खर्च और उसके फलस्वरूप राज्य को कितने का निवेश मिला , इसका ब्योरा होगा।

इस पर भी जानकारी दी जाएगी कि एमवीए  सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में कितनी कंपनियों से कितने एमओयू यानी मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग साइन किए गए और उनमें से कितने वास्तव में निवेश के रूप में तब्दील हो सके और इस प्रकार कितनी नई नौकरियां राज्य में पैदा हुईं।

उदय सामंत ने आरोप लगाया की उद्धव समर्थित शिवसेना समूह उद्योगों के  महाराष्ट्र में आने के विरुद्ध है और उनकी कथनी करनी में अंतर है। यह लोग ही कंपनियों के महाराष्ट्र से बाहर जाने का रोना रो रहे हैं।एमवी ए सरकार ने ही 3 लाख करोड़ का ननार रिफाइनरी प्रोजेक्ट यहां आने से मना कर दिया था। हमारी सरकार में हम सब कोशिश कर अब 2 लाख करोड़ का निवेश करा रहे हैं। सिर्फ एमवी ए की वजह से हम 1 लाख करोड़ का निवेश गवां रहे हैं क्योंकि अब वह कहीं अन्यत्र निवेश किया जाएगा।



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