0 अंगाडीया समाज से धन उगाही मामले में निलंबित मुंबई पुलिस उपायुक्त सौरभ त्रिपाठी समेत अन्य तीन अधिकारियों को वापस मिली नौकरी - Khabre Mumbai

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अंगाडीया समाज से धन उगाही मामले में निलंबित मुंबई पुलिस उपायुक्त सौरभ त्रिपाठी समेत अन्य तीन अधिकारियों को वापस मिली नौकरी

अंगडीया कारोबारी समूह से मामला सुलझाने के लिए अपने लखनऊ स्थित पैतृक आवास के नौकर  पप्पू प्यारेलाल गौड़ को हवाला चैनल के जरिए धन उगाही के तहत पैसा ट्रांसफर करवाने में पुलिस उपायुक्त सौरभ त्रिपाठी समेत अन्य तीन अधिकारी जो उनसे इस मामले में  इनके निर्देश पर मिले हुए थे, सभी को नौकरी से निलंबित किया गया था।

इन सभी को नौकरी पर वापस ले लिया गया है।

तीन अन्य अधिकारी पुलिस निरीक्षक ओम वंगाते, सहायक पो निरीक्षक नितिन कदम, पोलिस उपनिरीक्षक समाधान जामदाडे हैं।

          मुंबई पुलिस उपायुक्त सौरभ त्रिपाठी

तीनों अधिकारियों ने उपायुक्त त्रिपाठी के निर्देश पर दिसंबर 2021 में अंगड़िया कारोबारियों से 19 लाख रुपए वसूले थे।
इस संदर्भ में क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट ने त्रिपाठी के खानदानी नौकर पप्पू गौड़ को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। गौड़ को धन उगाही का कुछ पैसा मुंबई से हवाला चैनल के माध्यम से सौरभ त्रिपाठी के निर्देश पर पहुंचाया गया था।

त्रिपाठी जी के वकील द्वारा गिरफ्तारी से पहले जमानत मिलने की दलील देते हुए कहा था कि मुंबई पुलिस से ने जो चार्जशीट बनाई थी उसमे सौरभ त्रिपाठी का नाम नहीं है। जबकि माननीय कोर्ट ने pre arrest bail इसलिए देने से मना कर दिया कि भले ही सौरभ त्रिपाठी का नाम चार्जशीट में नही है, पर इसका यह कतई अर्थ नही है कि इस धन उगाही के मामले में वह संलिप्त नही है।

कोर्ट ने जमानत देने से इसलिए भी इंकार किया था कि सौरभ त्रिपाठी एक आईपीएस अधिकारी होने के नाते प्रभावशाली हैं और जिन तीन अधिकारियों से पूछताछ हो रही है ,सभी उनके ही सहकर्मी हैं इसलिए मामले से जुड़े सबूतों , तथ्यों के साथ छेड़छाड़ की जाने की पूरी संभावना है।

18फरवरी को लोकमान्य तिलक मार्ग पोलिस स्टेशन में एक्सटोर्शन का मामला दर्ज किया गया ,इस समय सौरभ त्रिपाठी Zone 2 के पुलिस उपायुक्त( डीसीपी) थे।

कोर्ट ने यह भी ध्यान दिया कि मामला दर्ज होने के बाद से ही त्रिपाठी absconding यानी गायब हो गए थे। आईपीएस अधिकारी होने के नाते उन्हें कानून और कानूनी प्रक्रिया की पूरी जानकारी है। एडिशनल सेशन कोर्ट न्यायाधीश ए ए कुलकर्णी ने गिरफ्तारी से पहले सौरभ त्रिपाठी को किसी भी तरह की सुरक्षा देने से मना कर दिया था।
उनका गायब होना ही उनका इस मामले में लिप्त होना दर्शाता है। त्रिपाठी का इस मामले में क्या रोल है, किस हद तक है यह जानने के लिए जांच अधिकारियों के समक्ष उनका होना आवश्यक है, ऐसा न्यायाधीश कुलकर्णी ने कहा था।
सौरभ त्रिपाठी ने पहले मार्च में जमानत की अर्जी दी जिसे रद्द किया गया था। 

मामला क्या है?

15 नवंबर 2021 को जोन 2 उपायुक्त सौरभ त्रिपाठी ने एक परिपत्रक निकाला और निर्देश दिया की उनके क्षेत्र में सक्रिय सभी हवाला कारोबार से जुड़े दलालों पर कार्रवाई की जाए। सिर्फ इस कारवाई को रोकने के लिए  कुछ अंगड़िया कारोबारियों ने त्रिपाठी पर हफ्ता मांगने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।






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