0 गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बना 100 साल पुराना पुल ओवर लोड होने से टूटा, अब तक 60 लोगो की दुख मौत। बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा। बड़ी मात्रा में बचाव कार्य जारी।पी एम मोदी ,गुजरात सी एम समेत दिग्गज नेताओं ने जताया दुःख - Khabre Mumbai

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गुजरात के मोरबी में मच्छू नदी पर बना 100 साल पुराना पुल ओवर लोड होने से टूटा, अब तक 60 लोगो की दुख मौत। बढ़ सकता है मौत का आंकड़ा। बड़ी मात्रा में बचाव कार्य जारी।पी एम मोदी ,गुजरात सी एम समेत दिग्गज नेताओं ने जताया दुःख

गुजरात के मोरबी में ब्रिटिश शासन के समय मच्छु नदी पर बने केबल तारों के पुल के टूट जाने से भारी जन हानि हुई है। अब तक 60 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ा बढ़ने की संभावना है। सैकड़ों लोग घायल हैं। गुजरात पंचायत मंत्री ब्रजेश मेरजा मौके पर मौजूद हैं। कई बच्चे और महिलाएं भी इस पुल पर मौजूद थीं।

राहत कार्य के लिए NDRF राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन टीम, भारतीय एयरक्राफ्ट भी मदद के लिए कूद पड़ी हैं। अंधेरा होने के चलते बचाव कार्य में काफी दिक्कत आ रही है।


यह पुल सौ साल से अधिक पुराना है और अभी कुछ दिन पहले ही मरम्मत होकर जनता के लिए फिर से खोला गया है।
जामनगर और अन्य स्थलों पर हेलीकॉप्टर भी मौजूद हैं ताकि बचाव कार्य में मदद हो सके। सैकड़ों लोग पुल पर खड़े थे, हादसा ओवर लोड होने के वजह से बताया जा रहा है।
भुज जैसे क्षेत्रों से सहायतार्थ गरुड़ कमांडो मोरबी के लिए  भेजे गए हैं।

राजकोट के जिला अधिकारी अरुण महेश बाबू ने कहा है की आर्मी की टुकड़ी राहत कार्य के लिए लगाई गई हैं। जल सेना थल सेना और वायु सेना को भी मदद के लिए बुलाया गया है।
30 से अधिक डॉक्टर और पैरा मेडिकल की टीम मोरबी  अस्पताल आ गई है। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।

स्टेट रिजर्व पुलिस बल भी मोरबी में बुलाई गई है। गुजरात सी एम ओ के अनुसार राजकोट अस्पताल में आइसोलेशन की व्यवस्था भी कर दी गई है।

राजकुमार बेनीवाल, IAS अधिकारी और amc आयुक्त, सड़क व इमारत विभाग गांधीनगर में गुणवत्ता नियंत्रण के प्रमुख अभियंता , के एम पटेल स्ट्रक्चरल अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख , LD अभियांत्रिकी महाविद्यालय डॉक्टर गोपाल टैंक,  सड़क गृह विभाग सचिव संदीप वसावा,  CID क्राइम इंस्पेक्टर जनरल सुभाष त्रिवेदी  के संगठन में निर्मित पांच सदस्यीय समिति इस पुल से हुए भीषण कांड की जांघ करेगी।

नदी के पानी को बाहर निकालने के लिए पंप मशीन लगाई गई है ताकि पानी बाहर निकाला जा सके और अधिक से अधिक डूबते शरीर को बचाया जा सके।

गुजरात मुख्यमंत्री ने पहले ही कह दिया कि मोदी जी के साथ अन्य कार्यक्रमों को अतिसूक्ष्म करते हुए तुरंत घटनास्थल पर पहुंच जायेंगे।  अन्य कैबिनेट मंत्री भी घटना पर पहुंच रहे हैं।

कई मशीनरी को एक साथ राहत कार्य में लगाया गया है।
मरने वालो के परिजनों को चार लाख और घायलों के लिए 50 हजार के आर्थिक सहयोग की घोषणा भी कर दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिज 140 साल पुराना था। इस ऐतिहासिक ब्रिज की लंबाई 200 मीटर से ज्यादा थी और चौड़ाई करीब 3 से 4 फीट थी। 20 फरवरी, 1879 को मुंबई के तत्कालीन गवर्नर रिचर्ड टेम्पल ने इसका शिलान्यास किया था। 1880 में यह ब्रिज लगभग 3.5 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ था। इसके निर्माण के लिए सामान इंग्लैंड से लाया गया था। इसे दरबारगढ़ से नझरबाग को जोड़ने के लिए बनाया गया था। इसकी लंबाई लगभग 765 फुट है।

इसे झूलता पुल भी कहते हैं। पांच दिन पहले ही रिपेयर होकर जनता के लिए खोला गया था। यह बीते सात महीने से बंद था। लोग  आज रविवार को सैर करने के लिए इस पुल पर आकर सेल्फी लेने में व्यस्त थे जिस समय यह पुल टूट गया और नदी में समा गया।


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