0 पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया आतंकी फंडिंग के लिए जिम्मेदार- प्रमुख ओमा सलाम समेत १०६ लोग हुए अब तक गिरफ्तार/ १५ अलग अलग राज्यों से एनआईए, ईडी, पुलिस ने किया ऑपरेशन - Khabre Mumbai

Breaking News

पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया आतंकी फंडिंग के लिए जिम्मेदार- प्रमुख ओमा सलाम समेत १०६ लोग हुए अब तक गिरफ्तार/ १५ अलग अलग राज्यों से एनआईए, ईडी, पुलिस ने किया ऑपरेशन

आतंकी संगठनों को फंडिंग करने, शश्त्र, हथियार, लोगों को आतंकी ट्रेनिंग देने जैसे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया संगठन पर बुधवार से जारी छापेमारी जो कल शाम तक चलती रही , में १०६ लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

(नेरुल, नवी मुम्बई sec -२३ में FPI के दफ्तर पर छापेमारी)

केंद्रीय जाँच एजेंसीयों एनआईए, प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और 15 अलग अलग राज्यो की पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की है।

   (केरल में 22 ठिकानों पर छापेमारी की गई)

आंध्र प्रदेश में ५, असम में ९, कर्नाटक में 20, केरल में सर्वाधिक 22, मध्य प्रदेश में ४, महाराष्ट्र में 20 , तमिलनाडु में 10, उत्तर प्रदेश में ८, संघ शाषित पुडुच्चेरी से ३ , दिल्ली में तीन जगहों पर छापेमारी की गई।

इस पूरी छापेमारी की प्रक्रिया में १५०० अधिकारी शामिल हुए जिनमे राज्यों की पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी NIA के अधिकारी शामिल रहे।
कल गुरूवार को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया चेयरमैन ओमा सलाम ,स्टेट प्रेजिडेंट सीपी मुहम्मद बशीर को हिरासत में लिया गया जबकि दिल्ली से प्रमुख परवेज़ अहमद व उसके भाई को  ओखला एस्टेट से गिरफ्तार किया गया। पीएफआई के सेक्रेटरी इलयास अहमद, शफीक दारू रहीमा, अब्दुल मुकीद सहित अन्य कई लोगों की गिरफ्तारी की गई है।

चीन की निवासी कंपनी में कार्यरत  व्यक्ति की जांच हो रही है जिसने इस पीएफआई संगठन को ट्रेडिंग के जरिये 1 करोड़ का फण्ड दिलवाया था। के ए रउफ शरीफ पीएफआई सदस्य जो कम्पस फ्रंट ऑफ इंडिया का महासचिव भी है, उसने यह 1 करोड़ अपने बैंक खाते में लिया था।रउफ शरीफ ओमान की एक रेस  इनटरनेशनल LLC  में कर्मचारी है  जो चीन नियंत्रित कम्पनी है। यह कम्पनी ट्रेडिंग का कारोबार करती है जिसमे चीन और ओमान के बीच फण्ड ट्रांसफर होता है। शरीफ ने 2019-२० के बीच दो बार चीन की यात्रा भी की।

  ( PFI छापेमारी के दौरान एक दृश्य)

ईडी ने दावा किया है कि PFI संगठन अवैध तरीके से गल्फ देशों से पैसे जुटाता है और उसका उपयोग राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में करता है। PFI ने डिस्ट्रिक्ट एग्जीक्यूटिव कमिटी गठित की है जो UAE, कतार, ओमान, कुवैत, बहरीन,सऊदी अरब में कार्यरत है।  इसी माध्यम से वह अवैध फंडिंग का प्रबंध करता है और उसका उपयोग आतंकी संगठनों को शष्त्र दिलाने, आर्थिक सहयोग देने, लोगो को आतंकी प्रशिक्षण देने में करता है।
असम से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है जो सामाजिक हिंसा भड़का रहे थे।


महाराष्ट्र में एटीएस ( एन्टी टेररिज्म स्क्वाड) ने औरंगाबाद, पुणे, कोल्हापुर , बीड, परभनी , नांदेड़ जलगांव, जालना, मालेगांव, नवी मुम्बई और ठाणे समेत कई स्थलों पर छापेमारी की और PFI सदस्यों को गिरफ्तार किया है। सभी इन सदस्यों पर भा.दं. सं. की 153A, 121A, 109, 120B  धाराओं तथा UAPA की धाराओं १३(१) (b) के तहत अवैध गतिविधियों , जातीय और सामाजिक हिंसा भड़काने , देश मे युद्ध के षड्यंत्र रचने के आरोप में मामले दर्ज किए हैं।
एफपीआई पर इससे पहले भी पांच एफआईआर दर्ज हो चुके है।।ईडी ने यह भी कहा कि एफपीआई की छापेमारी में कई जाली और फ्रॉड दस्तावेज़ भी बरामद हुए हैं।

एफपीआई के लोग CAA, NRC, D- वोटर, राष्ट्रीय शिक्षण नीति, अग्निपथ योजना, कैटल प्रोटेक्शन एक्ट, सरकारी जमीन और अवैध कब्जा जैसे कई राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और देश मे इन नीतियों को मुस्लिम विरोधी बताकर दंगा भड़काने का षड्यंत्र रच रहे हैं। असम प्रशासन ने ऐसे कार्यों में संलिप्त 10 एफपीआई सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
कुल 106 लोगो की गिरफ्तारी हुई है और आगे की कार्रवाई जारी है।



No comments