अलग विदर्भ राज्य बनाने के पक्ष में राजनीतिज्ञ प्रशांत किशोर- कांग्रेस के न्योते पर कर रहे विदर्भ दौरा
जाने माने राजनीतिक सलाहकार प्रशांत किशोर भी अब कई वर्षों से विदर्भ राज्य बनाने की लड़ाई में कूद पड़े हैं।
नागपुर में प्रेस वार्ता से प्रशांत ने कहा कि कांग्रेस नागपुर के प्रमुख नेता आशीष देशमुख ने उनसे आग्रह किया तो उन्होंने कहा कि यदि कम्पैन में उनका नाम दिया गया तो वह जरूर आएंगे।
किशोर प्रशांत का कहना है कि स्वतंत्र विदर्भ की मांग को छोटे राज्य बनाने की दृष्टि से नही देखा जाना चाहिए। विदर्भ में 10 लोकसभा सीटें हैं, ८००० ग्राम पंचायत है।
हर ग्राम पंचायत से से एक सदस्य उनके साथ विदर्भ मांग के लिए होने जा रही सभाओं /मोर्चे का हिस्सा होगा। इतना ही नही , ये सदस्य हमारी जॉइंट एक्शन कमिटी के हिस्सा भी होंगे।
हालांकि प्रशांत की माने तो स्वतंत्र विदर्भ के इस आन्दोलन में उनकी भूमिका सीमित होगी पट नागपुर कांग्रेस नेता आशीष देशमुख के अनुसार प्रशांत किशोर का साथ इस मुद्दे पर मिल गया है और यह अहम है।
प्रशांत किशोर कई राज्यों में सरकार बनाने के लिए कुशल रणनीति बनाते रहे हैं और सरकार बनवाने में सफ़ल भी रहे हैं। प्रशांत भारत मे राजनीतिक विश्लेषक की भूमिका में आने से पहले ८ साल तक संयुक्त राष्ट्र में अपनी सेवा दे चुके हैं और पब्लिक स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के भी विशेषज्ञ हैं।
२०१८-२०२० के बीच वह जनता दल(यूनाइटेड) के उपाध्यक्ष भी रहे हैं। वह मूल रूप से रोहतास,बिहार से संबंध रखते हैं। वह भाजपा,कांग्रेस,टीएमसी, राकांपा, आप समेत कई पार्टियों में अपनी राजनीतिक विश्लेषक की सेवा दे चुके हैं।
२०१४ लोकसभा चुनाव में भाजपा को सत्ता में लाने के लिए भी प्रशांत किशोर की रणनीति का इस्तेमाल किया गया था और सफलता भी मिली।
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