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शिन्दे सरकार में भी संजय- बन सकते हैं विरोध का कारण- भाजपा कर रही विरोध

गत मंगलवार को ३९ दिनों के बाद दो सदस्यों वाली महाराष्ट्र सरकार में १८ मंत्री और शामिल हो गए पर अब तक किसी को कोई पोर्टफोलियो नही मिल पाया है।
कल मंत्रालय के सातवें मंजिल पर दोपहर में मुख्यमंत्री ने सभी चुने गए मंत्रियों के साथ बैठक भी ली है।

मानसून सत्र भी बुलाया जा रहा है। लेकिन आंतरिक कलह सामने आ रही है। वजह है संजय राठौड़ का मंत्रिमंडल में शामिल होना बता दें कि संजय राठौड़ शिवसेना के विधायक हैं और उद्धव ठाकरे की महा विकास आघाडी सरकार में भी संरक्षण मंत्री और पालक मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
(बाएं से- शिन्दे सरकार मंत्रिमंडल में शामिल शिवसेना नेता संजय राठौड़, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्षा- चित्रा ताई वाघ, 22 वर्षीया आत्महत्या करनेवाली महिला पूजा चव्हाण)

 बीते वर्ष ही 22 वर्षीय महिला के पुणे के हड़पसर स्थित फ्लैट की बालकनी से सुसाइड करने वाले मामले में संजय राठौड़ का नाम उछला था। कई फोटो और ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे जिनका संबंध संजय राठौड़ से बताया जा रहा है। आरोपों से घिरे होने के बाद संजय राठौड़ को अपने मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इस बार 18 मंत्रियों में से संजय राठौड़ को भी मंत्री पद दिया गया है। खुलेआम भाजपा की महिला इकाई की प्रदेश उपाध्यक्ष चित्रा वाघ ने संजय राठौड़ की मंत्री पद पर नियुक्ति को लेकर सख्त विरोध जताया है। आखिर उन्होंने पूछ ही लिया कि किस आधार पर संजय राठौड़ को मंत्री बनाया गया है।

 मुख्यमंत्री शिंदे ने कहा कि पुलिस प्रशासन पुणे ने उन्हें क्लीन चिट दी है। इस पर चित्रा ताई का कहना है कि किस आधार पर क्लीन चिट दी गई है। वह चुप नहीं रहने वाली हैं और संजय राठौड़ के इस मामले में न्यायालय का रुख किया जाएगा।

 इसी बीच भाजपा के एक और वरिष्ठ नेता एडवोकेट आशीष शेलार ने कहा है चित्रा ताई शुरू से ही संजय राठौर के इस मामले में विरोध करती रही हैं। भाजपा ने संजय राठौड़ का मुद्दा उनके मवीआ सरकार में रहते हुए भी उठाया था । फिलहाल यह शिवसेना का मामला है क्योंकि वह शिवसेना के विधायक हैं । आशीष शेलार के बयानों से भी साफ लग रहा है कि भाजपा की राज्य इकाई संजय राठौड़ के मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने से नाराज है। खुद देवेंद्र फडणवीस भी इसका विरोध कर चुके हैं।

 मंत्रिमंडल का कार्यक्रम मंगलवार को होने से पहले एकनाथ शिंदे ने बयान दिया था  कि शिवसेना से किस विधायक को मंत्री बनाना है और किसे नहीं बनाना है इस पर उनका फैसला होना चाहिए।

गौरतलब हो कि इससे पहले सहयाद्री गेस्ट हाउस में रात्रि में महत्वकांक्षी विधायकों की मीटिंग लेकर मुख्यमंत्री शिंदे द्वारा यह समझाया गया था कि जिन्हें भी अभी मंत्री नहीं बनाया जा रहा है उन्हें दूसरे राउंड में जरूर ध्यान में रखा जाएगा और मंत्रिमंडल का विस्तार करते समय मंत्री पद दिया जाएगा काफी मेहनत करनी पड़ी थी ताकि नाराज विधायकों को समझाया जा सके।

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