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अच्छी आदतें जो डालते हैं ग्रहों पर अनुकूल असर/ जीवन हो जाता है आनंदित- जानें

मानव जीवन और ग्रहों का संबंध शुरू से ही रहा है। शास्त्रों में भी ग्रहों के प्रभाव का वर्णन किया गया है। कई बार कोशिश करने पर भी सफलता हाथ नही लगती, इसमें ग्रहों की परिस्थिति का भी विशेष महत्व होता है। सूर्य, चंद्र, राहु, केतु, मंगल, शनि, बृहस्पति ,शुक्र आदि नौ ग्रह हैं जो मनुष्य के जीवन पर अपना प्रभाव दिखाते हैं। यदि अनुकूल हों तो कार्य की अपेक्षा अधिक सफलता दिलाने में सहायक होते हैं।

मनुष्य जन्म से लेकर अपनी कार्यप्रणाली अनुसार कर्म करता है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि जाने-अनजाने में शुभ-अशुभ दोनों ही कर्म मनुष्य करता है। सात्विक , तामसी  व राजसी प्रवृत्ति के तीनों गुण प्रत्येक व्यक्ति के अंदर होते हैं। हम छोटी-छोटी-सी आदतों से भी अपने जीवन में ग्रहों को ठीक व अपने अनुकूल कर सकते हैं।

जानिए छोटी-छोटी आदतों से कैसे सुधारें ग्रहों को:

1:-मंदिर को साफ करते हैं तो देव गुरु बृहस्पति बहुत अच्छे फल देते है।
2:- अपनी जूठी थाली या बर्तन उसी जगह पर छोड़ना, सफलता में कमी करता है।
3:- जूठे बर्तन को उठाकर सही जगह पर रखते हैं या साफ कर लेते हैं तो चंद्रमा व शनि ग्रह ठीक होते हैं ओर शुभ फल देते हैं।
4:- देर रात जागने से चंद्रमा अच्छे फल नहीं देता है इसलिए समय से सो जाएं और सुबह जल्दी जागे।
5:- कोई भी बाहर से आए, उसे स्वच्छ पानी जरूर पिलाएं, राहु ग्रह ठीक होता है। राहु का बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।
6:-रसोई को गंदा रखते हैं तो आपको मंगल ग्रह से दिक्कत आएंगी। रसोई हमेशा साफ-सुथरी रखेंगे तो मंगल ग्रह ठीक होता है।
7:- घर में सुबह उठकर पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य, शुक्र और चंद्रमा को मजबूत करते हैं।
8:- जो लोग पैर घसीटकर चलते हैं, उनका राहु खराब होता है।
9:-बाथरूम में कपड़े इधर उधर फेंकते हैं, बाथरूम में पानी बिखराकर आ जाते हैं तो चंद्रमा अच्छे फल नहीं देता है।
10:- बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते व मोजे इधर-उधर फेंक देते हैं, तो उन्हें शत्रु परेशान करते हैं।
11:- राहु और शनि ठीक फल नहीं देते हैं अगर बिस्तर हमेशा फैला हुआ हो, सलवटें हों। चादर कहीं, तकिया कहीं है।
12:-चीखकर बोलने से शनि खराब होता है।
13:-बुजुर्गों के आशीर्वाद से घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है तथा गुरु ग्रह अच्छा होता है।
14:- अपशब्द बोलने व गालियां देने से गुरु और बुध खराब होते हैं। यदि आप भी गालियां देने के शौकीन हैं तो बुढ़ापे में बिस्तर पकड़ने के लिए तैयार रहें।

(लेखक आचार्य अजय मिश्र जी विहिप संचालित समर्थ हनुमान टेकड़ी, सायन - मुम्बई के मुख्य पुजारी हैं।)

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