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देश में कोरोना के नए मामले ६३ दिनों के न्यूनतम स्तर पर / बीते २४ घंटे में मात्र १,००,८६६ नए मामले, पॉजिटिविटी रेट अब ४.३%

देश में चल रहे कोरोना संक्रमण का दूसरा लहर अब दम तोड़ता दिखाई दे रहा है। बीते २४ घंटे में सरकारी आंकड़ों के अनुसार पूरे देश में १ लाख ८६६ नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं । यह आंकड़ा पिछले ६३ दिनों का सबसे न्यूनतम आंकड़ा है । ५ अप्रैल से प्रतिदिन एक लाख से अधिक नए संक्रमित मामले दर्ज होने शुरू हुए हैं/
 ३३ दिनों बाद ७ मई को दूसरी लहर ने भारत में अपना पिक बनाते हुए नए संक्रमित मामलों में रिकॉर्ड बनाया और ४.२० लाख के लगभग नए मामले दर्ज किए गए थे ।उसी तरीके से कोरोना संक्रमण में धीमी रफ्तार पकड़ने में भी 30 दिन का समय लगाया और अब जाकर प्रतिदिन एक लाख के लगभग के आ रहे हैं।

 पॉजिटिविटी रेट पूरे देश में 5% से कम रह गई है जो लगभग 4.3% के नजदीक है। पूरे देश में १४ लाख से भी कम संक्रमित एक्टिव केस रहे हैं ।

इस समय प्रतिदिन आ रहे १ लाख नए मामलों में देश में बुरी तरह प्रभावित  ५ राज्यों से ७०% की हिस्सेदारी है । ये राज्य महाराष्ट्र ,कर्नाटक ,तमिलनाडु ,आंध्र प्रदेश व केरल हैं। उपरोक्त आंकड़े कोविड-19 india.org के द्वारा संकलित किए गए जानकारी के अनुसार हैं।

पिछले वर्ष 2020 में 16 सितंबर को 97 हजार 894 नए संक्रमित मामलों के रिकॉर्ड के साथ पिक बना था जिसके बाद ४ महीने लगे और कोरोना के मामलों में भारी कमी आई और प्रतिदिन पूरे देश में १०,०० के लगभग मामले आ रहे थे।

देश में कोरोना संक्रमण से मरने वाले लोगों की संख्या ३४९२२१ तल पहुंच गई है।बीते दिन २४३६ लोगों की जान कोरोना के चलते गई है।

कोरोना संक्रमण की संभावित तीसरी लहर के मद्देनजर कई राज्यों ने 14 जून तक अभी लॉकडाउन या लॉकडाउन जैसे प्रतिबंध राज्य में लगाए हुए हैं।

 महाराष्ट्र में सभी जिलों को पांच अलग-अलग स्तर पर बांट दिया है और यह स्तर संक्रमण के पॉजिटिविटी रेट और ऑक्सीजन वाले बेड की उपयोगिता का प्रतिशत ध्यान में रखते हुए किया है । लेवल-१ से लेकर लेवल ५ तक जिलों को बांटा गया है । आज से नए तरीके से मिशन बिगिन अगेन के तहत महाराष्ट्र में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की जाएगी ।

राजधानी दिल्ली में भी अब पॉजिटिविटी रेट  ०.५% रह गई  है। बीते २४ घंटे में सिर्फ 381 केस ही आए थे। यहां भी बाजार ,मॉल, रेस्टोरेंट, मेट्रो  सर्विस आदि खोलने की प्रक्रिया आज से शुरू की जा रही है।

टीकाकरण को लेकर केंद्र सरकार ने मई में ही टीके खरीदने की पालिसी में बदलाव करते हुए अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के तहत ५०% वैक्सीन केंद्र सरकार खरीदेगी और राज्यों में ४५ वर्ष व ऊपर के लोगों को वैक्सीन लगेगी।  यानी अब बाकी के ५०%वैक्सीन राज्य सरकारें व निजी अस्पताल भी खुद खरीद सकेंगे।

 निजी अस्पतालों के पास वैक्सीन- सरकारी केंद्रों में नदारद:

मई महीने में 1 करोड़ वैक्सीन में से लगभग ६० लाख वैक्सीन सिर्फ ९ कॉरपोरेट निजी अस्पतालों ने खरीदे। इनमें अपोलो अस्पताल, मैक्स हेल्थकेयर, वोकार्ड, नारायण हृदयालय,  एच एन रिलायंस, मेडिका अस्पताल, फोर्टिस, गोदरेज मेमोरियल, मणिपाल हेल्थ, टेक्नो इंडिया, शामिल हैं।ये सभी अस्पताल अधिकतम टियर-२ सिटी में ही सर्विस देते हैं। राज्य सरकारों के पास वैक्सीन की किल्लत है, पर इन निजी कॉर्पोरेट अस्पतालों में वैक्सीन के कैम्प लग रहे हैं। 
कई निजी कंपनियां अपने ईएम्प्लॉयी को 1200 से 1450 रुपये प्रति वायल इन अस्पतालों को देकर टीका करण करवा रही हैं।

आम जनता कई बार सिर्फ अधिकृत सरकारी केंद्रों के चक्कर लगा रही है। 

केंद्र ने भी पहले कहा था कि टीकाकरण मुफ्त में किया जाएगा। सरकारी तय कीमत के अनुसार वैक्सीन 350 रूपये में मिल रही है।लेकिन निजी अस्पतालों में 1400 रुपये तक लिए जा रहे हैं।

केंद्र व राज्य सरकारों ने वैक्सीन के महत्व को बताते हुए कान जागरूकता फैला दी कि कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए वैक्सीनेशन ही एकमात्र उपाय है। अब जनता वैक्सीनेशन के लिए कोविन, आरोग्य सेतु अप्प और कई बार केंद्रों में जाकर परेशान हो रही है।

जिन्हें पहला टीका लगा, उन्हें दूसरा टीका समय पर नही मिल पा रहा है। सरकार दूसरे टीके के लिए जहां 4 सप्ताह का अंतर कह रही थी अब वह ८४ दिनों में बदल गया है। ऐसे में दूसरी वैक्सीन के लिए बढ़ रहे इस अंतराल से उसका प्रभाव भी कम होने की संभावना है। 

केंद्र  व राज्य सरकारें अपने स्तर पर फाइजर, डॉ रेड्डीज, जॉनसन&जॉनसन , सीरम इनस्टिट्यूट, भारत बायोटेक ,मोडर्ना के संपर्क में है ताकि वैक्सीन की आपूर्ति हो सके । 

सरकार कुछ दिनों में ही भारत बायोटेक की कोवाक्सिन को WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) की मंजूरी भी दिलवा सकती है, प्रयास जारी हैं। गौरतलब हो कि कोवाक्सिन और स्पुतनिक v दोनों को ही अब तक WHO की मंजूरी नही मिली है।

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