0 मनसुख ,सचिन और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा - सचिन के बल्ले से नहीं बचे शर्मा/ एन आई ए ने किया गिरफ्तार।२८ जून तक मिली कस्टडी।मनसुख हत्याकांड से जुड़े सबूत नष्ट करने का है शर्मा पर आरोप। - Khabre Mumbai

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मनसुख ,सचिन और एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा - सचिन के बल्ले से नहीं बचे शर्मा/ एन आई ए ने किया गिरफ्तार।२८ जून तक मिली कस्टडी।मनसुख हत्याकांड से जुड़े सबूत नष्ट करने का है शर्मा पर आरोप।

मुंबई क्राइम ब्रांच में एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के तौर पर लंबी पारी खेलने वाले अधिकारी प्रदीप शर्मा कई बार आरोपों से घिरते रहे हैं। अगर यह कहें कि आरोप व प्रदीप शर्मा पर्यायवाची हैं, तो यह मानना गलत नही होगा।

 रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी के मुंबई आवास अल्टामाउंट रोड, एंटीलिया के निकट  स्कोर्पियो कार जिलेटिन कांड से जुड़े मामले में जहां कार के तथाकथित मालिक मनसुख हिरेन की संदिग्ध मामलों में मौत हो गई । जिसके तार थाने क्राइम विभाग में तैनात एपीआई सचिन बजे तक जा पहुंचा।  वज़े भी फिलहाल सस्पेंड हैं और गिरफ्तार हो चुके हैं। मनसुख की पत्नी ने वज़े के संबंध मनसुख से थे, एक सीधा सादा व्यापारी जो ठाणे में ऑटोमोबाइल गैराज चलता था, उसकी मौत में सचिन वज़े का संलिप्त होना मुम्बई पुलिस के दामन पर कोई सवाल छोड़ गया। पूछताछ अब भी चल रही है। सचिन बजे का कनेक्शन मनसुख मामले में अब प्रदीप शर्मा तक पहुंच गया है ।

कल तड़के 6:45 बजे नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी प्रदीप शर्मा के अंधेरी स्थित घर पर छापेमारी की। लगभग 3 घंटे तक चली छापेमारी के बाद प्रदीप शर्मा को 2:30 बजे मेडिकल टेस्ट के लिए मुंबई स्थित जेजे अस्पताल ले जाया गया। जिसके पश्चात नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी के विशेष अदालत में उन्हें पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 28 जून तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया। प्रदीप शर्मा पर  मनसुख हत्याकांड से जुड़े सबूतों को नष्ट करने व मामले को रचने में प्रमुख भूमिका  होने के आरोप है। शर्मा से एन आई ए अप्रैल २०२१ में भी पूछताछ कर चुकी है। इस मामले में प्रदीप के करीबी रहे पुलिस अधिकारी विनायक शिंदे को भी एन आई ए पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। मालाड के संतोष जाधव से गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद शर्मा को गिरफ्तार किया गया है।

कौन हैं एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा :

शर्मा ने जनवरी 1983 में मुम्बई पुलिस फोर्स जॉइन की।सबसे पहले माहिम पुलिस स्टेशन में तैनात हुए।

प्रदीप शर्मा मुंबई पुलिस की क्राइम शाखा में तैनात वह अधिकारी  रहे हैं जिन पर 2006 में छोटा राजन गैंग के कुख्यात अपराधी राम नारायण गुप्ता उर्फ लखन भैया पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा था।

 हालांकि इस केस के चलते प्रदीप शर्मा ने विशेष ख्याति बटोरी क्योंकि लखन भैया कोई छोटा मोटा अपराधी नहीं था ।अपराध जगत में  उसने कई संगीन अपराधों को अंजाम दिया था। उत्तर प्रदेश में अपनी एक विशेष पहचान अपराध की दुनिया में बनाई थी, लेकिन इस मामले में फर्जी एनकाउंटर की वजह से प्रदीप शर्मा को 2008 में अदालत में दोषी माना, नौकरी से बर्खास्त किए गए ,२०१० में अरेस्ट हुए और साढे 3 साल की सजा भी दी गई। अपने २५ साल से अधिक के पुलिस कैरियर में शर्मा ने १०० से अधिक गैंगस्टरों का एनकाउंटर किया है।

प्रदीप शर्मा के अंडरवर्ल्ड से भी सम्बंधो के आरोप लगते रहे हैं। अंडरवर्ल्ड से जुड़ी विशेष जानकारी निकालने और उसे क्राइम ब्रांच को साझा करने से मुम्बई पुलिस को कई बार मदद मिली और कुख्यात अपराधियों के लिए जेल का कारण बनी। यह १९८०- ९० का दौर था जब मुम्बई में अंडरवर्ल्ड अपनी चरम पर था। परवेज़ सिद्दीकी, रफीक डब्बावाला,  सादिक कालिया और लश्कर-ए तैयब्बा आतंकी संगठन के तीन अपराधी जैसे कई नाम शामिल हैं जो सुपर कॉप शर्मा के गोलियों से बोल्ड हुए।
अब तक छप्पन जैसी कुछ बॉलीवुड की फिल्में प्रदीप शर्मा की कार्यशैली से से प्रेरित होकर बनाई गई हैं।

 2013 में अदालत ने उन्हें इस लखन भैया एनकाउंटर मामले में सबूतों के अभाव में बरी कर दिया जबकि अन्य १३ पुलिसवालों को अदालत ने दोषी माना था। 2017 में प्रदीप शर्मा मुंबई पुलिस ने फिर से बहाल हुए। वह ठाणे में एंटी- एक्सटॉर्शन सेल को हेड कर रहे थे। चार्ज लेने के एक महीने के अंदर प्रदीप शर्मा ने होटल व्यवसायी से पैसा वसूली के आरोप में अंडरवर्ल्ड डॉन दावूद इब्राहिम के छोटे भाई इकबाल कासकर को गिरफ्तार किया था।

 2019 में उन्होंने अपनी इच्छा से सेवानिवृत्ति ले ली और महाराष्ट्र की सबसे अहम और वर्तमान में सत्तासीन शिवसेना पार्टी का दामन थाम लिया।

 कहा जाता है कि एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा का शिवसेना से करीबी संबंध रहा है ।संबंधों के फलस्वरूप मुंबई पुलिस के सुपर कॉप रहे शर्मा को पार्टी ज्वाइन करते ही नालासोपारा से 2019 विधानसभा चुनाव में विधायकी का टिकट दे दिया गया लेकिन शर्मा की किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया और वह बहुजन विकास आघाडी के प्रमुख हितेंद्र ठाकुर के बेटे क्षितिज ठाकुर से चुनाव हार गए। हार का अंतर ४० हजार से ज़्यादा मतों का रहा।

 प्रदीप शर्मा की पीएस फाउंडेशन नाम की संस्था भी है जिसने कोरोना के समय में बहुत से लोगों को मुफ्त में राशन वितरण किया है।

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