ऑनलाइन वित्तीय फ्रॉड (साइबर फ्रॉड)से अब जल्द मिलेगी राहत टोल फ्री नंबर १५५२६० हुआ लॉन्च/ डायल करते ही जाएगा पीड़ित के बैंक को डिटेल। पुलिस और बैंक मिलकर करेंगे जल्द से जल्द निपटारा/ केंद्रीय गृहमंत्रालय की पहल
केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर एक ऑनलाइन फाइनेंसियल फ्रॉड के संबंध में हॉट लाइन जारी किया गया है यह हॉट लाइन टोल फ्री नंबर 155 260 जो अभी फिलहाल देश के 5 राज्यों में काम कर रहा है अब तक 1.85 करोड़ की ऑनलाइन फ्रॉड की राशि बचाने में यह टोल फ्री नंबर कामयाब रहा है।
जानिए क्या करना होगा ऑनलाइन आर्थिक फ्रॉड हो जाने पर:
१: डायल करें १५५२६० टोल फ्री संपर्क नम्बर
२: पोलिस ऑपरेटर पीड़ित व्यक्ति यानी शिकायतकर्ता से मूलभूत जानकारी, फ्रॉड से संबंधित जानकारी आदि लेंगे।
३: सम्बंधित ऑनलाइन फाइनेंसियल फ्रॉड में पीड़ित के बैंक को तुरंत अलर्ट किया जाएगा।
पीड़ित के मोबाइल पर मेसेज के द्वारा संदर्भ संख्या (एकनॉलेजमेन्ट नम्बर) जाएगा। पीड़ित व्यक्ति को संदेश प्राप्ति के २४ घंटो के अंदर नेशनल सायबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर पूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। https://cybercrime.gov.in इस वेब पोर्टल पर संदर्भ संख्या के साथ जानकारी देनी होगी।
४: यदि पीड़ित व्यक्ति के बैंक से पैसा फ्रॉड करनेवाला अपने बैंक में हस्तांतरण नही कर पाया हो तो वह राशि पीड़ित व्यक्ति का बैंक ब्लॉक कर देगा, ट्रांसफर नही हो पाएगा।
यदि अपराधी के बैंक खाते में ट्रांसफर हो चुका है, तो....
५:यह एप्लीकेशन नम्बर अभियुक्त के बैंक के पास चला जायेगा, बैंक के पोर्टल पर दिखेगा, अभियुक्त का बैंक उस पैसे को ब्लॉक कर देगा, यानी अभियुक्त कैश नही निकाल सकेगा।
यह टोल फ्री नम्बर द्वारा उपर्युक्त बताए रिपोर्टिंग पलटफॉर्म का संचालन क्रियान्वयन इंडियन सायबर क्राइम को ऑर्डिनेशन सेंटर द्वारा किया गया है जो केंद्रीय गृहमंत्रालय, भारत सरकार के अंर्तगत कार्यरत है।
यह प्रक्रिया रिजर्व बैंक के साथ ही साथ सभी प्रमुख बैंकों, पेमेंट बैंक, वॉलेट,मर्चेंट बैंकों के साथ जोड़ी गई है।
इस टोल फ्री नम्बर की सॉफ्ट लांचिंग सबसे पहले 21 अप्रैल 2021 को की गई जिसके बाद महज २ महीने के दरम्यान इसने १.८५ करोड़ की ऑनलाइन ठगी को रोका है। दिल्ली से ५८ लाख और राजस्थान से ५३लाख रुपये ऑनलाइन ठगी करनेवाले धूर्तों के हाथ में जाने से बचाया है।
फिलहाल यह सेवा सात राज्यों और केंद्र शाषित राज्यों छत्तीसगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश में कार्यरत है।
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