अयोध्या राम मंदिर मामले से जुड़ा नया फ्रॉड- 9 गुना कीमत पर मंदिर ट्रस्ट को बेची गई जमीन।१६.५० करोड़ के फर्जीवाड़े का मामला संज्ञान में लाया आप नेता संजय सिंह ने - जांच जारी
अयोध्या स्थित राम मंदिर परिसर के नजदीक में 12080 वर्ग मीटर की जमीन के मालिक हरीश और कुसुम पाठक ने 18 मार्च 2021 को सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी को दो करोड़ में बेच दी।
जमीन बेचने का बैनामा 18 मार्च को 7:10 की शाम को किया गया । इस बैनामे के गवाह राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा तथा अयोध्या के महापौर भाजपा के ऋषिकेश उपाध्याय जी थे।
इसके ठीक 15 मिनट के बाद 7:25 शाम को दूसरा बैनामा तैयार होता है इसी जमीन का। अबकी बार अंसारी और रवि मोहन तिवारी दो करोड़ में खरीदी गई यह जमीन ठीक 15 मिनट के बाद राम मंदिर ट्रस्ट को १८.५० करोड़ में बेच देते हैं और इस बैनामे में भी गवाह के रूप में वही दोनों अनिल मिश्रा और ऋषिकेश उपाध्याय मौजूद हैं।
इस पूरे घटनाक्रम में कई सवाल अहम हैं।
१: क्या राम मंदिर ट्रस्ट के अनिल मिश्रा ने मंदिर ट्रस्ट के साथ धोखा किया व मंदिर ट्रस्ट को 16:50 करोड़ का चूना लगाया/
२: भाजपा के नेता व अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय को इस डील की पूरी जानकारी थी क्योंकि वह दोनों बैनामे में गवाह रहे हैं। क्या यह माना जाए कि भाजपा की मिलीभगत से राम मंदिर ट्रस्ट को चूना लगाया गया।
३: १८ मार्च को शाम को ७:१० पर हुए दो करोड़ के बैनामे के बाद पूरे अयोध्या में सर्वर बंद कर दिया गया था फिर ७:२५ पर दूसरा बैनामा करने के लिए सर्वर किसके आदेश पर फिर से चालू किया गया?
४: जमीन की कीमत स्टैंडर्ड मार्केट वैल्यू के हिसाब से ५:00 से ५:५० करोड़ की बताई जा रही है/ ऐसे में जमीन के मालिक हरीश और कुसुम पाठक में अंडर रेट में यानी दो करोड़ में ही रवी मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी को क्यो बेचा।
इस घटना के संज्ञान में आने के बाद पूरे देश में भाजपा पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि भाजपा का नेता व अयोध्या का मेयर ऋषिकेश उपाध्याय इस मामले में गवाह रहे हैं। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि १५ मिनट के अंदर मेयर साहब ने जमीन की कीमत ९ गुना करके राम मंदिर ट्रस्ट के नाम बिकवा दी और ट्रस्ट को १६.५० करोड़ का चूना लगवा दिया।
(आप नेता व राज्यसभा सदस्य- संजय सिंह)
आम आदमी पार्टी के नेता व राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने दोनों बैनामे की कॉपी दिखाते हुए यह आरोप लगाया है।
आप सपा के प्रवक्ता पवन पांडेय ने यह भी आरोप लगाया है कि तिवारी, उपाध्याय और अंसारी प्रॉपर्टी डीलर हैं। तिवारी और उपाध्याय आपस मे सम्बंधित हैं। इस घटना में मेयर उपाध्याय का नाम सामने आने व उनके सम्मिलित होने की पुष्टि हो रही है, इसलिए उन्हें मेयर के पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
मामले के संज्ञान में आने के बाद विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने कहा है मामले की पूरी जांच की जाएगी उसके बाद ही कोई पक्ष रखा जा सकता है; तो वहीं राम मंदिर तीर्थ ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय ने कहा है कि पिछले 2 साल से आरोप ही तो लगते आ रहे हैं । आरोप तो लगते ही रहते हैं, अभी इस मुद्दे पर वह कुछ नहीं कहना चाहते।
(विहिप नेता- आलोक कुमार)
आपको बता दें अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण यह एक ऐसा मुद्दा है जिसे लेकर भारतीय जनता पार्टी को जनता ने केंद्र में बिठाया। करोड़ों भारतीयों की आस्था अयोध्या में स्थित राम लला की जन्मभूमि से व राम मंदिर निर्माण से जुड़ी हुई है।
कुछ महीने पहले जब राम मंदिर निर्माण के लिए भारतीय जनता पार्टी विश्व हिंदू परिषद में घर-घर जाकर चंदा लेने व आम जनमानस में जुड़ने की अपील की तो पूरे देश में ३२०० करोड़ के लगभग चंदा जमा हो गया। लोगों ने अपनी धार्मिक भावना से प्रभावित होकर भगवान राम में अपनी गहरी आस्था रखते हुए दिल खोलकर चंदा दिया।
अब जब जमीन घोटाले से जुड़ी ऐसी जानकारी लोगों के सामने आ रही है ,जिसमें मंदिर ट्रस्ट के सदस्य ही शामिल हों तो विश्वास को गहरा आघात लगना स्वाभाविक है।
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