महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस महानिदेशक और सीआईएसफ के महानिदेशक सुबोध कुमार जायसवाल को बनाया गया सीबीआई का नया डायरेक्टर/
भारत की सबसे अग्रणी विश्वसनीय संस्था केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सेंट्रल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन को अपना नया बॉस आज देर रात मिल गया है। 1985 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी सुबोध कुमार जायसवाल को इस पद के लिए चुना गया है।
सुबोध जयसवाल महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक रह चुके हैं ।वर्तमान में वह सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स यानी सीआईएसफ के डायरेक्टर जनरल के पद पर कार्यरत थे। सीबीआई डायरेक्टर का पद फरवरी के पहले सप्ताह से ऐसे ही खाली पड़ा था जब ऋषि कुमार शुक्ला ने अपना इस्तीफा दिया था।
जानकारी के मुताबिक कल सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में चयन समिति ने सीबीआई डायरेक्टर पद को चुने जाने के लिए मीटिंग शुरू की थी इसके लिए 1984, 1985, 1986 और 1987 के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में लगभग 100 अधिकारियों की सीवी को खंगाला गया था।
लगभग 100 अधिकारियों में से तीन अधिकारियों के नाम प्रमुख रूप से सीबीआई निदेशक पद के लिए चुने गए थे। इन तीन नामों में सुबोध जयसवाल ,के आर चंद्रा और वी के एस कौमुदी का नाम रेस में रहा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी व जस्टिस एनवी रमणा के बीच सीबीआई निदेशक पद को लेकर 90 मिनट तक गहरी चर्चा की गई जिसके बाद सुबोध जयसवाल के नाम पर सामूहिक रूप से मोहर लगा दी गई है। ऋषि शुक्ला के बाद अपर निदेशक प्रवीण सिन्हा ही आंतरिक रूप से सी बीआई के काम काज को देख रहे थे।
सुबोध कुमार जायसवाल इस नए पद पर दो साल तक बने रहेंगे।
कौन हैं आईपीएस सुबोध जायसवाल:
५८ वर्षीय श्री जायसवाल इसी वर्ष जनवरी में सीआईएसएफ के महानिदेशक बनाये गए थे।
जून 2018 से फरवरी 2019 तक तत्कालीन महाराष्ट्र राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन्हें मुम्बई पुलिस आयुक्त के लिए चुना था।
केंद्रीय विभाग में फिर नियुक्त होने से पहले वह महाराष्ट्र पुलिस के महानिदेशक भी बनाये गए। वह महाराष्ट्र पुलिस के डीजीपी फरवरी 2019 में दत्तात्रय पडसलगीकर के बाद बनाये गए।
वैसे तो सुबोध जायसवाल को रॉ (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) में दस वर्षों का अनुभव प्राप्त हैं जिसमे 3 वर्ष वह अतिरिक्त सचिव भी रहे ,इसके अलावा अतिदक्षता विभाग यानी इंटेलिजेंस ब्यूरो में भी महारत हासिल है पर आश्चर्य जनक रूप से उन्हें सीबीआई में कोई अनुभव नही है।
महाराष्ट्र में मशहूर अब्दुल करीम तेलगी- स्टाम्प पेपर घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा करने से पहले श्री जायसवाल ने ही शुरू की थी। उन्होंने राज्य राखीव पुलिस बल और और बाद में आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी महाराष्ट्र एटीएस (एन्टी टेररिज्म स्क्वाड) में भी काबिलियत दिखाई।
वर्ष 2008 में हुए मुम्बई में आतंकी हमले के समय वह राज्य के इंटेलिजेंस ब्यूरो को हेड कर रहे थे और अमेरिकी एजेंसी के साथ मिलकर इसकी गुत्थी सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भीमा कोरेगांव मामला व एलगार परिषद का मामला नैशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी को दिए जाने से पूर्व उसकी जांच श्री जायसवाल की देखरेख में हो रही थी।
वर्ष 2009 में विशिष्ट सेवाओं के लिए सुबोध जायसवाल जी को राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक भी प्रदान किया गया।
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