उद्धव सरकार में परिवहन मंत्री अनिल परब फिर विवादों में/ नाशिक आरटीओ के अधिकारी गजेंद्र पाटिल का आरोप - ढाई सौ- 300 करोड़ की भ्रष्टाचार में डूबे हैं अनिल परब /पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने दिए जांच के आदेश । मैं निर्दोष हूं-अनिल परब
शिवसेना के वरिष्ठ नेता व वर्तमान में महा विकास आघाडी सरकार महाराष्ट्र में कैबिनेट परिवहन मंत्री अनिल परब नई मुसीबत में घिरते नजर आ रहे हैं । दरअसल मामला यह है कि नासिक में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस में परिवहन निरीक्षक गजेंद्र पाटील ने अनिल परब पर यह आरोप लगाया है कि आरटीओ विभाग के अंतर्गत पदोन्नति व ट्रांसफर को लेकर करोड़ों का हेरफेर होता है। ढाई सौ से तीन सौ करोड़ के भ्रष्टाचार में रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस लिप्त है। अधिकारियों की पोस्टिंग, ट्रांसफर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर परिवहन मंत्री अनिल परब के इशारे पर मोटी रकम वसूली जाती है।
(राज्य परिवहन मन्त्री-अनिल परब)
हालांकि दूसरी ओर श्री परब ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि गजेंद्र पाटिल के खिलाफ भ्रष्टाचार के कई शिकायतें पहले से मिलती रही जिसके चलते उन्हें उनके परिवहन निरीक्षक पद से निलंबित कर दिया गया है । इसलिए उनके द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं और उन्हें और महा विकास आघाडी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है
श्री अनिल परब ने यह भी कहा कि यह आरोप राजनीति से प्रेरित हैं । पूरे घटनाक्रम में नासिक जिले के पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने जांच के आदेश भी दे दिए हैं और संबंधित पुलिस थाने को निर्देशित कर दिया है कि 5 दिन में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। इस मामले में शिकायत भी दर्ज की गई है।
बचाव में छगन भुजबल-
(राज्य खाद्यान आपूर्ति मंत्री- छगन भुजबल)
राकांपा के बड़े नेता व महाराष्ट्र कैबिनेट में खाद्यान्न आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने अनिल परब का बचाव करते हुए कहा है कि यदि किसी विभाग में निचले स्तर पर कोई गड़बड़ी होती है तो उसका जिम्मेदार किसी मंत्री को कैसे बनाया जा सकता है । भुजबल ने कहा कि अनील परब पर लगे हुए आरोप निराधार हैं और निरर्थक हैं।
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