गृह वास्तु- दोष व सरल उपाय
आज कल की भाग दौड़ भरी जिंदगी में अक्सर हम कई छोटी छोटी पर महत्वपूर्ण बातों पर ध्यान नही देते हैं।जिसके चलते हम न केवल हमेशा तनाव में रहते हैं ,बल्कि आर्थिक, शारीरिक और मानसिक रूप से हानि भी होती है।
यहां हम बात कर रहे हैं - घर से जुड़ी कुछ वास्तु की बातें, जिनका हमारे जीवन पर सीधा असर पड़ता है। घर लेते वक्त या घर मे रहते समय हमें ऐसी कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे गृहस्थ जीवन सुखपूर्वक चल सके और हमारे जीवन मे बाधाएं न आएं।
वास्तु दोष दूर करने के उपाय
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर से परेशानियां ख़तम नहीं हो रहीं हैं, पैसा टिक नहीं रहा हैं तो इसके लिए आपके घर का वास्तु दोष कुछ हद तक ज़िम्मेदार होता हैं। जैसे हम मनुष्य घर में मुख्य दरवाजे से प्रवेश करते हैं वैसे ही घर में नकारात्मक ऊर्जा और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश भी मुख्य द्वार से ही होता है।
उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) जल तत्व, उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) वायु तत्व, दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) अग्नि तत्व, दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) पृथ्वी तत्व, ब्रह्म स्थान (मध्य स्थान) आकाश तत्व। यह जल, वायु, अग्नि, पृथ्वी और आकाश, पंच महाभूत तत्व कहे जाते हैं। जिनसे मिलकर हमारा शरीर बना है।
इस प्रकार इन दिशाओं के अनुरूप गृह में निर्माण करवाने से घर में वास्तु दोष नहीं होते है। अगर आपके घर में भी वास्तु दोष है तो हम आपकों कुछ ऐसे उपाय बता रहें है, जिससे आप बिना ज्यादा खर्च करते हुए वास्तु दोष का निवारण कर सकते है।
वास्तु दोष टिप्स:
इस तरह लगाएं स्वस्तिक:
भारतीय संस्कृति में स्वस्तिक का विशेष महत्तव प्राप्त है। वास्तु विज्ञान के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर सिंदूर से नौ अंगुल लंबा, नौ अंगुल चौड़ा स्वस्तिक का चिन्ह बनाएं। ऐसा करने से चारो ओर से आ रही नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और वास्तुदोष भी हटता है।
रसोई में लगाएं बल्ब:
वास्तु विज्ञान में रसोई घर को घर की सुख समृद्धि के लिए बहुत ख़ास माना गया है। अगर रसोई गलत स्थान पर है तो अग्निकोण में बल्ब लगा दें और हर रोज ध्यान से उस बल्ब को जलाएं। इससे आपके घर का वास्तु दूर हो जाएगा |
घोड़े की नाल:
वास्तु के अनुसार घर में घोड़े की नाल टांगना शुभ होता है। काले घोड़े की नाल मुख्य द्वार पर लगाने से सुरक्षा एवं सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। घोड़े की नाल का आकर यू शेप होता है। ध्यान रहे, घोड़े की नाल अपने आप गिरी होनी चाहिए।
रामचरितमानस का पाठ कराएं:
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का वास्तु दोष के दूर करने के लिए घर में 9 दिन तक रामचरित मानस का पाठ कराएं। इससे घर का वास्तु दोष दूर होता हैं। साथ ही आप 9 दिन तक अखंड कीर्तन भी करा सकते हैं। इस कीर्तन से वास्तुजनित दोष का निवारण होता हैं।
इस दिशा में मुँह करके सोएं:
वास्तु के अनुसार, अगर आप पश्चिम की और मुँह करके सोते हैं तो आपको बुरे सपने आ सकते हैं। पेट से संबंधित बिमारी हो सकती है। वही अगर आपको नींद नहीं आती, जिससे आपका स्वभाव चिड़चिड़ा रहता है तो आपको दक्षिण दिशा में सोना चाहिए। इससे आपके स्वभाव में बदलाव होगा और अनिद्रा की स्थिति में भी सुधार होगा।
इस दिशा में न रखे कचरा:
घर के उत्तर - पूर्व में कभी भी कचरा इक्क्ठा न होने दे और ना ही इधर भारी मशीन रखें। इससे आपके घर में वास्तु दोष लगता है। साथ ही आप अपने वंश की उन्नति के लिए मुख्य द्वार पर अशोक का वृक्ष दोनों और लगाएं। इससे आपके घर का वास्तु दोष दूर होगा साथ ही नकारात्मक ऊर्जा कभी घर में प्रवेश नहीं करेगी।
( अशोक वृक्ष)
(सौजन्य- आचार्य अजय मिश्र जी महाराज, मुख्य पुजारी: समर्थ हनुमान टेकड़ी सिद्ध पीठ, सायन- मुम्बई)
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